
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने युवाओं को मार्गदर्शन देने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं व अन्य क्षेत्रों के प्रति प्रेरित करने के लिए एक बड़ी पहल की है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफएस (IFS) अधिकारियों को सीधे स्कूली छात्रों से संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारियों से सीधा संवाद होने पर छात्रों को करियर में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा मिलेगी और उनकी बेहतर करियर काउंसलिंग भी संभव हो सकेगी।
मुख्य सचिव ने दिए रोस्टर तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) को इस व्यवस्था को लागू करने का आदेश दिया गया है। इसके तहत जिलाधिकारी अपने जिले में तैनात एक युवा आईएएस, आईपीएस या आईएफएस अधिकारी को हर महीने कम से कम एक स्कूल में जाने की व्यवस्था करेंगे। यह संवाद कार्यक्रम सरकारी या प्राइवेट, किसी भी प्रकार के विद्यालय में आयोजित किया जा सकता है।
क्लास में क्या करेंगे अधिकारी?
स्कूल प्रबंधन से समन्वय बनाकर अधिकारियों के लिए संवाद और प्रश्नोत्तरी (Q&A) सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों के दौरान अधिकारी छात्रों को यूपीएससी (UPSC), यूपीपीसीएस (UPPCS), यूपीएसएसएससी (UPSSSC), एनडीए (NDA), नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के टिप्स देंगे। इसके साथ ही छात्रों को केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी।
मासिक समीक्षा और रिपोर्टिंग की व्यवस्था
इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी एक मासिक रोस्टर तैयार करेंगे। हर महीने की 5 तारीख तक शासन को पूरी जानकारी भेजी जाएगी कि कौन सा अधिकारी किस दिन किस स्कूल का दौरा करेगा। जिलाधिकारी खुद इस पूरे कार्यक्रम की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा, डीएम को अपने स्तर पर स्थानीय जरूरतों के हिसाब से नवाचार करने और नए कार्यक्रम जोड़ने की भी छूट दी गई है।
अभ्युदय कोचिंग योजना और युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक एवं रोजगार क्षेत्र की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना’ का विस्तार राज्य के हर विश्वविद्यालय और कॉलेज तक करने पर विचार करने को कहा गया है। खेल सुविधाओं के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलकूद की गतिविधियां युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रखने का एक प्रभावी और मजबूत जरिया हैं।










