
Ayodhya Ram Mandir CEO: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। देशभर से मिले 5200 से ज्यादा आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद 18 उम्मीदवारों को अंतिम साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब इन उम्मीदवारों का 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में अंतिम इंटरव्यू होगा।
अंतिम साक्षात्कार के बाद चयन समिति तीन उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO पद के लिए अंतिम नाम पर फैसला लिया जाएगा। यानी अब देशभर से आए हजारों आवेदनों में से चयन प्रक्रिया कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों तक सिमट गई है।
54 उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद 18 नाम फाइनल
CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद चयन समिति ने पहले आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। इसके बाद 54 उम्मीदवारों का प्रारंभिक इंटरव्यू लिया गया और आगे की प्रक्रिया के लिए 18 उम्मीदवारों को चुना गया।
अब इन 18 उम्मीदवारों का अंतिम चरण में इंटरव्यू होगा। इसके आधार पर समिति तीन सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार करेगी। अंतिम फैसला चयन समिति नहीं, बल्कि ट्रस्ट की बैठक में किया जाएगा।
राम मंदिर परिसर में होगा फाइनल इंटरव्यू
अंतिम चरण के साक्षात्कार 11 और 12 अगस्त को राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित किए जाएंगे। चयन प्रक्रिया के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली कर रहे हैं। समिति में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिर्डी साईंबाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे भी शामिल हैं।
इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, प्रबंधन अनुभव और मंदिर से जुड़े बड़े स्तर के संचालन को संभालने की योग्यता पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
प्रशासनिक अनुभव वाले उम्मीदवारों को मिल सकती है प्राथमिकता
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CEO को मंदिर परिसर के दैनिक प्रशासन, विभिन्न व्यवस्थाओं के समन्वय और श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं समेत कई जिम्मेदारियों को संभालना होगा। इसी वजह से प्रशासनिक और प्रबंधन क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, किसी अनुभवी सेवानिवृत्त IAS अधिकारी के इस पद पर चुने जाने की संभावना भी चर्चा में है। हालांकि, यह अभी केवल संभावित दावेदारी है और अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होगा।
CEO के सामने होंगी कई बड़ी जिम्मेदारियां
राम मंदिर परिसर का विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या देखते हुए CEO के सामने प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। इनमें मंदिर की दैनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा से जुड़े समन्वय और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का संचालन शामिल है।
ऐसे में ट्रस्ट ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है, जिसके पास बड़े संस्थान या जटिल प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने का पर्याप्त अनुभव हो।
धार्मिक पृष्ठभूमि से जुड़े मानदंड भी अहम
चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक क्षमता के साथ धार्मिक और व्यक्तिगत आचरण से जुड़े मानदंडों को भी महत्व दिए जाने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उम्मीदवार के लिए हिंदू होना और हिंदू धर्म की परंपराओं एवं नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है।
उम्मीदवारों के लिए 50 से 70 वर्ष की आयु सीमा तय किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा शाकाहारी जीवनशैली और शराब या अन्य नशीले पदार्थों से दूरी जैसे मानदंडों का भी उल्लेख किया गया है।
चढ़ावा विवाद के बाद CEO नियुक्ति की प्रक्रिया तेज
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट ने CEO पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। जून 2026 में मंदिर के चढ़ावे की गिनती से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले सामने आने के बाद जांच शुरू हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी की जानकारी सामने आई। विवाद के बाद ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबर भी सामने आई थी।
इसी घटनाक्रम के बीच ट्रस्ट ने CEO पद के लिए आवेदन मंगाए थे। अब 5200 से ज्यादा आवेदनों में से 18 उम्मीदवार अंतिम दौड़ में हैं। 11-12 अगस्त के इंटरव्यू के बाद तीन नामों का पैनल तैयार होगा और 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में नए CEO के नाम पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।











