
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रविवार रात दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। फतेहपुर-सूरतगंज मार्ग पर दादनपुर गांव के पास बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया गया, जहां एक युवक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, दूसरे घायल युवक की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों और चिकित्सकों के मुताबिक, एंबुलेंस के लिए कई बार फोन करने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक वाहन नहीं पहुंचा। घायल की हालत बिगड़ती देख पुलिस ने अपने वाहन से उसे जिला अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और साथ आए लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
महादेव के दर्शन के लिए निकले थे तीनों युवक
जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर कस्बे के जोशी टोला मोहल्ला निवासी शैलेंद्र उर्फ हेमल जोशी (22), शक्तिमान जोशी (19) और सचिन जोशी (21) रविवार रात बाइक से महादेव के दर्शन के लिए जा रहे थे।
इसी दौरान फतेहपुर-सूरतगंज मार्ग पर दादनपुर गांव के पास उनकी बाइक एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी और घायलों को उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया गया।
सीएचसी में चिकित्सकों ने शैलेंद्र जोशी को मृत घोषित कर दिया, जबकि शक्तिमान की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। तीसरे घायल सचिन का भी उपचार किया गया।
एंबुलेंस का डेढ़ घंटे इंतजार, परिजनों का फूटा गुस्सा
शक्तिमान की हालत गंभीर होने के बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाने की जरूरत थी। परिजनों और चिकित्सकों ने एंबुलेंस के लिए कई बार संपर्क किया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस सीएचसी नहीं पहुंची।
समय बीतने के साथ घायल की हालत बिगड़ती गई। एंबुलेंस के इंतजार में परिजनों और उनके साथ आए लोगों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने अपने वाहन से शक्तिमान को जिला अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।
दो मौतों की खबर से अस्पताल में मचा कोहराम
शक्तिमान की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। दोनों युवकों की मौत से परिवारों में मातम छा गया। एंबुलेंस समय पर नहीं मिलने को लेकर परिजनों ने काफी देर तक नाराजगी जताई।
मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार वैशाली अहलावत, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश और अनु सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और अन्य लोगों को समझाने का प्रयास किया। आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद स्थिति शांत हुई।
फरवरी में होनी थी शैलेंद्र की शादी
हादसे में जान गंवाने वाले शैलेंद्र उर्फ हेमल जोशी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शैलेंद्र के पिता दयाशंकर जोशी नगर पंचायत में नामित सभासद हैं। तीन भाइयों में शैलेंद्र दूसरे नंबर का था।
परिजनों के मुताबिक, शैलेंद्र की शादी तय हो चुकी थी और फरवरी में उसका विवाह होना था। वह एक निजी बैंक में नौकरी करता था। शादी की तैयारियों के बीच बेटे की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था शक्तिमान
दूसरा मृतक शक्तिमान जोशी पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। उससे बड़े भाई बंटी और विष्णु हैं, जबकि छोटे भाई शिवम और लवकुश हैं।
शक्तिमान की अचानक मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घायल की बिगड़ती रही हालत, एंबुलेंस के लिए करते रहे फोन
सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने शक्तिमान की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। परिजनों और अस्पताल की ओर से एंबुलेंस के लिए लगातार संपर्क किया गया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
घायल की हालत लगातार बिगड़ने पर परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। आखिरकार पुलिस को अपने वाहन से घायल को जिला अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली और दुर्घटना के कारणों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।











