
बांग्लादेश के रंगपुर से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। रंगपुर के दासपाड़ा इलाके में 22 अगस्त 2026 की रात एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में 65 वर्षीय सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, 23 वर्षीय बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय मासूम बेटा प्रियम शामिल हैं। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया है।
छत पर नशा करने से टोकने पर हुआ खूनी खेल
पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक, आरोपी मुग्धो दास और 19 वर्षीय सिद्धार्थ दास (दोनों सगे भाई) पड़ोस की इमारत से गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे। वहां दोनों ‘याबा’ (Yaba) नामक खतरनाक नशीली गोलियों का सेवन कर रहे थे। जब गणपति को छत पर आहट हुई तो वे ऊपर गए और उन्होंने दोनों को टोका। आरोपियों को डर था कि वे पहचाने जाएंगे, इसलिए उन्होंने गणपति के कंधे पर पड़े गमछे से उनका गला घोंट दिया।
एक-एक कर पूरे परिवार का घोंटा गला
गणपति चक्रवर्ती के बचाव की कोशिश में हुई आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता सीढ़ियों की तरफ बढ़ीं। आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से कपड़े के टुकड़े से उनका भी गला दबा दिया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से आरोपियों ने कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी में एमए की पढ़ाई पूरी करने वाली 23 वर्षीय बेटी आगमी और 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले 12 वर्षीय बेटे प्रियम को भी मौत के घाट उतार दिया।
कत्ल के बाद घर में 7 घंटे रहे, खाया खाना और नहाए
इस वारदात का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि कत्ल के बाद भी दोनों आरोपी फरार नहीं हुए। वे 6 से 7 घंटे तक उसी घर में रहे। इस दौरान उन्होंने घर में रखा खाना खाया, फ्रिज से खीरा और खजूर निकाले, फिर से नशा किया और नहाने के बाद वहां से रफूचक्कर हुए। आरोपियों ने हत्या को डकैती का रूप देने के लिए घर की बिजली काट दी, सामान अस्त-व्यस्त किया और सोने के गहने लेकर चंपत हो गए। हालांकि, पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गहने बरामद कर लिए हैं।
परिवार को बड़ी साजिश का शक, निष्पक्ष जांच की मांग
गणपति चक्रवर्ती ने 31 दिसंबर 2025 को रंगपुर जिला स्कूल से रिटायरमेंट लिया था और हाल ही में नया घर बनाकर रहने लगे थे। परिजनों और पड़ोसियों का कहना है कि गणपति बेहद शांत और मिलनसार व्यक्ति थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। गणपति के बड़े भाई गोपी नाथ चक्रवर्ती और परिजनों ने पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठाते हुए किसी बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस, सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच मिलकर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।














