
उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बेहद राहतभरी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य के नौजवानों को अब बेहतर शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार या स्वरोजगार के अवसरों के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने युवाओं की प्राथमिकताओं और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के पहले ‘युवा आयोग’ (Yuva Aayog) के गठन का बड़ा फैसला लिया है।
नीतिगत निर्णयों में युवाओं को मिलेगी सीधी भागीदारी
राज्य सरकार द्वारा घोषित प्रमुख प्राथमिकताओं में ‘युवा आयोग’ का गठन एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। इस आयोग के माध्यम से प्रदेश के युवाओं की समस्याओं, सुझावों और आकांक्षाओं को एक समर्पित मंच प्राप्त होगा। उत्तराखंड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी राज्य में दूरदराज के सीमावर्ती जिलों और शहरी क्षेत्रों के छात्रों की आवश्यकताएं अलग-अलग होती हैं। यह आयोग युवाओं की आवाज को सीधे सरकार के नीति निर्माण (Policymaking) ढांचे का हिस्सा बनाएगा, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।
‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026’ से मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026’ के तहत एक विशेष रोडमैप तैयार किया है।
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इन परीक्षाओं की होगी तैयारी: योजना के अंतर्गत सिविल सेवा (UPSC/UKPSC), रक्षा सेवाओं (CDS/NDA), बैंकिंग, रेलवे और SSC के साथ-साथ CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी उच्च स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग मुहैया कराई जाएगी।
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बजट का प्रावधान: सरकार ने कक्षा 11वीं और 12वीं के 10,000 होनहार छात्र-छात्राओं को इस सुविधा से जोड़ने के लिए 7 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन किया है। इससे पहाड़ी इलाकों में घर बैठे ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री मिल सकेगी।
युवा स्वरोजगार योजना और ‘हिल इंडस्ट्रियल पार्क्स’ से रुकेगा पलायन
युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने के लिए ‘युवा स्वरोजगार योजना’ को मजबूती दी जा रही है।
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कौशल विकास व सब्सिडी: 18 से 30 वर्ष के युवा उद्यमियों को आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) स्तर का तकनीकी व प्रबंधकीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। नया स्टार्ट-अप या उद्यम शुरू करने पर बैंक ऋण पर 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी।
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विशेष प्रोत्साहन: सीमावर्ती गांवों के निवासियों, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए स्वरोजगार स्थापित करने पर अतिरिक्त वित्तीय छूट का प्रावधान है।
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स्थानीय रोजगार: चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय जिलों में ‘हिल इंडस्ट्रियल पार्क्स’ (Hill Industrial Parks) की स्थापना की जाएगी, ताकि युवाओं को उनके गृह क्षेत्र में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जा सकें।
साहसी बच्चों को मिलेगा ‘राज्य बाल वीरता पुरस्कार’
शिक्षा और रोजगार के अलावा युवाओं और बच्चों के मनोबल व नैतिक साहस को बढ़ाने के लिए भी सरकार ने कदम उठाया है। प्राकृतिक आपदाओं या किसी आपात स्थिति के दौरान अदम्य साहस और समझदारी का परिचय देने वाले बच्चों को हर साल ‘राज्य बाल वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। यह पहल बच्चों में जिम्मेदारी और समाज सेवा की भावना विकसित करने में मददगार साबित होगी।














