रामगढ़। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में सोमवार को रामगढ़ के नेमरा से JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने ग्रामीणों से आशीर्वाद लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दिवंगत शिबू सोरेन का आशीर्वाद लिया। इसके बाद 24 जिलों तक यात्रा पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह यात्रा ’24 जिले, 24 संकल्प और एक आवाज’ के संदेश के साथ आगे बढ़ेगी। इसका उद्देश्य भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को गांव-गांव तक पहुंचाना और अधिक से अधिक युवाओं तथा ग्रामीणों को अभियान से जोड़ना है।
पेपर लीक और भर्ती में धांधली रोकने की मांग
देवेंद्र महतो ने झारखंड की भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। सरकार को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने विवादों में रही 45 परीक्षाओं से जुड़े फैसले को बरकरार रखने की भी मांग की। महतो ने कहा कि मामला हाई कोर्ट या किसी अन्य अदालत तक जाए, लेकिन भर्ती व्यवस्था से जुड़े इस आदेश को कायम रखा जाना चाहिए।
‘पैरवी और लॉबिंग से नहीं मिले नौकरी’
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्र भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और इस लड़ाई में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांग है कि भविष्य में किसी भी परीक्षा में पेपर लीक या दूसरी तरह की धांधली नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी अभ्यर्थी को पैरवी या लॉबिंग के जरिए नौकरी न मिले। योग्य उम्मीदवारों का चयन केवल निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया के आधार पर किया जाए।
24 जिलों तक पहुंचेगा अभियान
महतो ने कहा कि भर्ती व्यवस्था में सुधार की आवाज केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। अभियान के तहत राज्य के 24 जिलों में यात्रा निकाली जाएगी और गांव-गांव जाकर युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं के बीच भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और निष्पक्ष चयन व्यवस्था की मांग को मजबूत करना है। अभियान के जरिए सरकार तक छात्रों की मांग पहुंचाने और भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार की आवाज उठाने का प्रयास जारी रहेगा।











