
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़े 15 से अधिक अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद हरी झंडी मिलने की प्रबल संभावना है। शासन के विभिन्न विभागों ने इन प्रस्तावों का मसौदा तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि यह बैठक प्रदेश के बुनियादी ढांचे और पुलिस भर्ती की दिशा में कई बड़े फैसले लेकर आएगी।
दरोगा और सिपाही भर्ती नियमों में मिल सकती है बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती से जुड़ा एक संवेदनशील और बड़ा प्रस्ताव लाया जा सकता है। पुलिस विभाग में दरोगा और सिपाही के पदों पर ‘मृतक आश्रित कोटे’ के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) से छूट देने या नियमों में ढील देने पर विचार किया जा सकता है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो कर्तव्य के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी।
निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर की परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
कैबिनेट बैठक का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे का विकास, परिवहन व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं पर रहेगा। प्रदेश में चल रही कई बड़ी विकास परियोजनाओं को गति देने और नए निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाने के लिए संबंधित विभाग 15 से अधिक मसौदे पेश करेंगे।
3572 नवनियुक्त युवाओं को सीएम योगी सौंपेंगे नियुक्ति पत्र
कैबिनेट बैठक के अलावा मंगलवार का दिन राज्य के हजारों युवाओं के लिए खुशियों भरा रहने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 3572 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इनमें कृषि विभाग के 3446 प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) और राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 126 नवनियुक्त मंडी सचिव शामिल हैं।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू और मौसमी बुखार का खतरा, स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर
उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम के साथ स्वाइन फ्लू (H1N1) और मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष और स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण को स्थिति की निरंतर समीक्षा और निगरानी के कड़े निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों में जांच और दवाइयों के पर्याप्त इंतजाम, डिप्टी सीएम की पैनिक न करने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की निगरानी और तत्काल इलाज के निर्देश जारी किए हैं। गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आम जनता से अपील की है कि स्वाइन फ्लू या मौसमी बुखार से घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और दवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी लक्षण पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से परामर्श लें।











