
मध्यप्रदेश में प्रशासनिक रुतबे का झांसा देकर ठगी करने वाली तृप्ति राजपूत मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। चंदेरी पुलिस आरोपी तृप्ति और उसके भाई को भोपाल लेकर पहुंची है। यहां बागमुगालिया स्थित उसके आवास और अल्कापुरी स्थित ससुराल में छापेमारी कर फर्जी CBI पहचान पत्र, लेटरहेड और फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपी महिला खुद को IAS अफसर और मध्यप्रदेश टूरिज्म की एडिशनल हेड बताकर लोगों पर रौब गालती थी और ठगी के जाल में फंसाती थी।
सरकारी रुतबे का दिखावा और 9.80 लाख रुपये की ठगी
जांच में खुलासा हुआ है कि तृप्ति राजपूत लोगों को झांसे में लेने के लिए किराए की एक इनोवा कार का इस्तेमाल करती थी, जिस पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। इस लाल बत्ती शैली की गाड़ी, महंगे आईफोन और लग्जरी लाइफस्टाइल के जरिए वह लोगों को आसानी से अपने फर्जी प्रशासनिक अधिकारी होने का भरोसा दिला देती थी। इसी फर्जी पहचान के दम पर उसने चंदेरी के एक कारोबारी को एमपी टूरिज्म में मुनाफे का झांसा देकर 9.80 लाख रुपये की ठगी की। इतना ही नहीं, खुद को असली IAS बताकर उसने उस कारोबारी से शादी भी रचा ली।
भोपाल कनेक्शन खंगालने में जुटी पुलिस, कई राज आने बाकी
चंदेरी पुलिस अब इस गिरोह के भोपाल कनेक्शन को पूरी तरह खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में है कि फर्जी CBI कार्ड और सरकारी लेटरहेड तैयार करने में और कौन-कौन से जालसाज शामिल थे। इसके अलावा ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा कार मुहैया कराने वाले की भी तलाश की जा रही है। महंगे होटलों में रुकने और लग्जरी लाइफ जीने वाली इस फर्जी महिला अफसर के ठगी नेटवर्क की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।














