नेपाल में फ्लैश फ्लड से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 400 तीर्थयात्री संपर्क से बाहर

 

नई दिल्ली। नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा के बीच तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्री संपर्क से बाहर हो गए हैं। प्रभावित यात्रियों में बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है, जबकि 93 नेपाली नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और प्रशासन के साथ-साथ ट्रैवल एजेंसियां भी उनसे संपर्क स्थापित करने में जुटी हैं।

सीमा पार करने से पहले आई बाढ़

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, काठमांडू स्थित टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बासु कुमार अधिकारी ने बताया कि करीब 390 तीर्थयात्रियों को बुधवार को नेपाल-चीन सीमा पार कर तिब्बत की ओर जाना था। इसी दौरान अचानक आई बाढ़ ने पूरे इलाके की स्थिति बदल दी।

अधिकारी के मुताबिक, कुछ यात्रियों से संपर्क हो सका है, लेकिन बुधवार दोपहर करीब 3 बजे तक बड़ी संख्या में यात्रियों से संपर्क नहीं हो पाया था। संचार व्यवस्था बाधित होने और सड़क मार्ग प्रभावित होने के कारण यात्रियों की सही स्थिति का पता लगाने में परेशानी हो रही है।

कई ट्रैवल एजेंसियों के यात्री प्रभावित

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले ये तीर्थयात्री अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से यात्रा कर रहे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रभावित यात्रियों में विभिन्न एजेंसियों के ग्राहक शामिल हैं।

  • सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स: 71 यात्री
  • लीफ हॉलिडेज: 55 यात्री
  • काठमांडू हॉलिडेज: 17 यात्री
  • कैलाश जर्नी: 31 यात्री
  • एक्सप्लोर वेकेशन: 7 यात्री
  • ट्रेकर्स सोसाइटी: 92 यात्री
  • रिचा टूर्स: 12 यात्री
  • फिशटेल टूर एंड ट्रैवल्स: 27 यात्री
  • हिमालयन ग्लेशियर: 62 यात्री
  • अल्पाइन इको ट्रेक: 16 यात्री

ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे ने बताया कि लापता या संपर्क से बाहर यात्रियों की स्थिति का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित एजेंसियां अपने-अपने यात्रियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं।

रसुवागढ़ी क्षेत्र में भारी नुकसान

भीषण फ्लैश फ्लड से रसुवागढ़ी क्षेत्र में कई बस्तियां और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़कें और अन्य सुविधाएं भी बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे तिब्बत की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग बाधित हो गया है।

बाढ़ के तेज बहाव ने कई इलाकों में यातायात और संचार व्यवस्था को प्रभावित किया है। इसके चलते राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे थे तीर्थयात्री

बताया जा रहा है कि प्रभावित तीर्थयात्री बुधवार को नेपाल-चीन सीमा पार करके तिब्बत जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान अचानक आई बाढ़ ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।

बाढ़ के कारण मार्ग बाधित हो गया और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई। ऐसे में यात्रियों के परिवारों और ट्रैवल एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। कुछ यात्रियों से संपर्क होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

फिलहाल प्रशासन, राहत एवं बचाव एजेंसियां और ट्रैवल कंपनियां प्रभावित यात्रियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षित स्थिति का पता लगाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है।

अधिकारियों और ट्रैवल एजेंसियों की ओर से यात्रियों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। करीब 400 तीर्थयात्रियों की वास्तविक स्थिति और उनके ठिकाने को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

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