एआई युग में भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए युवाओं का कौशल विकास जरूरी: वडोदरा में बोले पीएम मोदी

वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बनाने के लिए देश में एक मजबूत और आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार किया जा रहा है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि एआई केवल आईटी (IT) सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, विनिर्माण और रोबोटिक्स जैसे हर सेक्टर में नई तकनीकों और रोजगार के असीम अवसर पैदा कर सकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार युवाओं को एआई-रेडी बनाने के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान शुरू करने जा रही है।

डिग्री के साथ स्किल पर फोकस, छात्रों को मिलेगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती दुनिया के साथ शिक्षा के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। अब केवल डिग्री की नहीं, बल्कि ‘स्किल्स’ की भी उतनी ही अहमियत है। युवाओं के कौशल को लगातार अपडेट करने के लिए सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षण संस्थानों में व्यापक सुधार कर रही है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए सरकार देश के सबसे बेहतरीन शिक्षकों से छात्रों को निशुल्क (Free) ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है।

2,800 किमी लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित, पुरानी सरकार पर तंज

विकसित भारत के लिए तेज और सुगम कनेक्टिविटी को अहम बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वडोदरा में ‘गतिशक्ति विश्वविद्यालय’ के साथ ही आज 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) का काम पूरा हो गया है। पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2004 में फ्रेट कॉरिडोर का विचार आया और 2006 में कंपनी बनी, लेकिन 2014 तक इसकी फाइलें लटकती और भटकती रहीं। 2014 के बाद उनकी सरकार ने इसे रफ्तार दी, जिसके चलते आज प्रतिदिन 430 से ज्यादा मालगाड़ियां इन पर दौड़ रही हैं और माल ढुलाई का समय आधे से भी कम हो गया है।

मुंबई-वडोदरा ट्रेन और रेलवे में पौने तीन लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट

हाल ही में मुंबई के जेएनपीटी बंदरगाह से वडोदरा तक चली डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि एक ही ट्रेन से 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर माल पहुंचाया गया, जिससे समय, ईंधन और पर्यावरण तीनों की बचत हुई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का रेल बजट पौने तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो 12 साल पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा है। 2014 से अब तक देश में करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए गए हैं। इसके अलावा फ्रेट कॉरिडोर के जरिए देश के दूरदराज के आदिवासी इलाकों को भी पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

‘चिप्स से शिप्स’ तक आत्मनिर्भर भारत, 55 लाख घरों की छतों पर लगा सोलर प्लांट

देश के विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र की सफलता का बखान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब ‘चिप्स से शिप्स’ तक निर्माण की नई गाथा लिख रहा है। सौर ऊर्जा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भारत में फोटोवोल्टिक मॉड्यूल की उत्पादन क्षमता 200 गीगावाट के पार पहुंच गई है। ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ के तहत देश भर में 55 लाख परिवार (जिनमें 11 लाख गुजरात के हैं) अपनी छतों पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादक बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि वडोदरा अब देश के पहले ‘मेड इन इंडिया’ सी-295 (C-295) सैन्य परिवहन विमान के निर्माण का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है।

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