अयोध्या राम मंदिर में पुजारियों के लिए बदले नियम: गर्भगृह में मोबाइल बैन, ड्रेस कोड लागू; निर्माण समिति की 3 दिवसीय बैठक शुरू

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में व्यवस्थाओं को सुचारू और मर्यादित बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कई बड़े फैसले लिए हैं। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक रविवार से शुरू हो गई है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माणाधीन स्मारक स्तंभ और परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसी बीच राम मंदिर में सेवा देने वाले पुजारियों के लिए एक नई नियमावली और सख्त निर्देश लागू कर दिए गए हैं, जिसके तहत अब गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।

पुजारियों के लिए नया नियम: ड्रेस कोड, तिलक और क्षौर कर्म का पालन अनिवार्य

मंदिर प्रशासन ने पुजारियों के पहनावे, स्वच्छता और आचरण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

  • मोबाइल पर बैन: राम मंदिर के गर्भगृह के भीतर पुजारी अब मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे।

  • वेशभूषा और तिलक: पुजारियों को धर्म समिति द्वारा निर्धारित पारंपरिक वस्त्र ही धारण करने होंगे। साथ ही मंदिर परिसर में रहने के दौरान माथे पर नियमानुसार तिलक लगाना अनिवार्य रहेगा।

  • शुचिता और क्षौर कर्म: पुजारियों के लिए पंचकेशी (क्षौर कर्म) का नियमित पालन अनिवार्य किया गया है। साथ ही शौच के बाद बिना स्नान किए मंदिर या कोठार में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

  • बाहरी सामग्री पर रोक: मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले भोग-प्रसाद के अलावा बाहर से किसी भी प्रकार की खाद्य या अन्य सामग्री गर्भगृह में ले जाने पर रोक लगा दी गई है।

ड्यूटी के दौरान कड़े अनुशासन के निर्देश, लिखित में देनी होगी रिपोर्ट

नए नियमों के अनुसार पुजारियों को अपनी सेवाकाल के दौरान अत्यधिक अनुशासन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुजारियों को परिसर में समूह बनाकर बातचीत करने, हंसी-मजाक करने या आपस में बहस करने से बचने को कहा गया है। ड्यूटी के दौरान मंदिर व्यवस्थापकों, आचार्यों और धर्मगुरुओं के अलावा सुरक्षाकर्मियों या ट्रस्ट के अन्य कार्यकर्ताओं से अनावश्यक बातचीत करने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा, सेवाकाल समाप्त होने के बाद पुजारियों को अपने सहयोगियों को लिखित में समीक्षा रिपोर्ट सौंपनी होगी।

रामानंदी परंपरा से पूजा-अर्चना, निर्माण समिति की बैठक में सुरक्षा दीवार पर मंथन

मंदिर के व्यवस्थापक आचार्य इंद्रदेव मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर में सभी पूजन-अर्चन रामानंदी संप्रदाय की वैदिक परंपरा के अनुसार ही कराए जा रहे हैं। पुजारियों को कोई ‘विशेष सनद’ जारी नहीं की गई है, बल्कि केवल पूजन की मर्यादा और मंदिर की आंतरिक व्यवस्था से अवगत कराया गया है।

दूसरी ओर, नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में चल रही निर्माण समिति की बैठक में परिसर की सुरक्षा दीवार (बाउंड्री वॉल), स्मारक स्तंभ के अंतिम चरण के काम और यात्री सुविधा केंद्र (PFC) की समीक्षा की जा रही है। 15 सितंबर को राम कथा संग्रहालय में होने वाली बैठक में ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के भी शामिल होने की संभावना है।

 

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