लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर हादसा: लोकार्पण के दो महीने बाद ही गिरा एलिवेटेड रोड का प्लास्टर, एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठे सवाल

लखनऊ। अभी दो महीने पहले शुरू हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बंथरा के पास रविवार देर रात एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड का प्लास्टर अचानक नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय नीचे से गुजर रहे वाहन चालक और लोग बाल-बाल बच गए। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही को कुछ देर के लिए रोक दिया गया।

सरिया आई बाहर, टोल प्लाजा पर लगा वाहनों का लंबा जाम

प्लास्टर गिरने से एलिवेटेड रोड के ढाँचे (स्ट्रक्चर) की लोहे की सरिया बाहर दिखाई देने लगी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और कार्यदायी संस्था ‘पीएनसी’ के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर दुर्घटना स्थल की बैरिकेडिंग कर दी गई और ट्रैफिक को लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) की तरफ डायवर्ट किया गया। डायवर्जन के कारण खाण्डेदेव टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी समय तक जाम की स्थिति बनी रही।

13 जुलाई को ही हुआ था लोकार्पण, जांच के घेरे में निर्माण गुणवत्ता

उल्लेखनीय है कि इस लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई 2026 को ही हुआ था। महज दो महीने के भीतर ही एक्सप्रेसवे में कई तकनीकी खामियां सामने आ चुकी हैं।

  • बार-बार धंस रही सड़क: इससे पहले बारिश के दौरान ग्रीनफील्ड और एलिवेटेड सेक्शन में सड़क धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं।

  • IIT खड़गपुर कर रहा जांच: एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड मार्ग पर बार-बार सड़क धंसने के कारणों का पता लगाने के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी 7 अगस्त 2026 से जांच कर रहे हैं।

  • पहला प्लास्टर गिरने का मामला: सड़क धंसने के बाद यह पहला मौका है जब एलिवेटेड रोड का प्लास्टर गिरने जैसी गंभीर संरचनात्मक चूक सामने आई है।

फिलहाल, कार्यदायी संस्था द्वारा क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन चंद महीनों में ही इस तरह की घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।

 

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