इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर का नया हब बना UP: देश के 55% मोबाइल का उत्पादन, 43 हजार करोड़ के निवेश से मिली विकास को पंख

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक ढर्रे से आगे बढ़कर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और डीप-टेक जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में अपनी मजबूत धाक जमा रहा है। राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विशाल तकनीकी मानव संसाधन के बल पर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक विशाल आधार तैयार हो चुका है। मौजूदा समय में 200 से अधिक दिग्गज कंपनियां यूपी में कार्यरत हैं, जिससे 43,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है और 3 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है।

देश में बनने वाले 55% से अधिक मोबाइल अब यूपी में निर्मित, 2 क्लस्टर तैयार

उत्तर प्रदेश की इस औद्योगिक क्रांति की सबसे बड़ी सफलता मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में देखने को मिल रही है। भारत में निर्मित होने वाले कुल मोबाइल फोनों में से 55 प्रतिशत से अधिक का उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। राज्य के गौतमबुद्ध नगर में दो भव्य इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं। इसके अलावा टैबलेट, लैपटॉप, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर सेल, डिफेंस एवं लॉजिस्टिक्स ड्रोन और रोबोटिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी सैमसंग, एलजी, हैयर, डिक्सन, रैपे, एडवर्ब और भगवती जैसी बड़ी कंपनियां अपने पैर पसार चुकी हैं। राज्य की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025 के जरिए अब तक 3,800 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश आकर्षित किया गया है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर 1 हजार एकड़ का सेमीकंडक्टर पार्क, 3700 करोड़ का निवेश

इलेक्ट्रॉनिक्स में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद उत्तर प्रदेश अब सेमीकंडक्टर निर्माण के वैश्विक नक्शे पर उभर रहा है। केंद्र सरकार के ‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम 2.0’ के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-28 में ‘इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड’ की सेमीकंडक्टर एटीएमपी (ATMP) सुविधा स्थापित की गई है, जिसमें 3,700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है। इसके साथ ही YEIDA क्षेत्र में 1,000 एकड़ में एक भव्य सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। विश्वप्रसिद्ध कंपनियां जैसे एनएक्सपी, रेनेसास, क्वालकॉम और कैडेंस यूपी के इस बढ़ते तकनीकी इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुकी हैं।

जेवर एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और डेटा सेंटरों से अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार

राज्य में आईटी और सेमीकंडक्टर आधारित उद्योगों को कनेक्टिविटी देने के लिए जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया गया है। ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ का रोबोटिक्स एवं एआई कंप्यूटिंग पार्क बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आईटी पॉलिसी के तहत 7,000 करोड़ रुपये का निवेश और लखनऊ में 100 एकड़ की ‘एचसीएल आईटी सिटी’ आईटी क्षेत्र को मजबूती दे रहे हैं। वहीं, डेटा सेंटर क्षेत्र में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से डिजिटल बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है। 24,000 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स के साथ यूपी को ‘टॉप परफॉर्मर’ का दर्जा मिला है, जो राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की ओर अग्रसर कर रहा है।

 

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