केतन अग्रवाल हत्याकांड : पुणे पुलिस की 5 हजार पन्नों की चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे, AI और ‘माही’ की फेक आईडी से रचा गया था डेथ-ट्रैप

महाराष्ट्र की पुणे ग्रामीण पुलिस ने केतन अग्रवाल हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए अदालत में 5,053 पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है. पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मार्गदर्शन में तैयार इस चार्जशीट ने किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की तरह रची गई इस खौफनाक साजिश की एक-एक परत खोलकर रख दी है. मामले में मुख्य आरोपी सिया, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और उनके दोस्त रितेश हांगे को नामजद किया गया है. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ‘माही’ नाम की एक फर्जी सोशल मीडिया आईडी, एआई (AI) प्लेटफॉर्म चैटजीपीटी (ChatGPT) और क्राइम पॉडकास्ट की मदद से हत्या का पूरा ताना-बाना बुना था.

‘माही’ की फेक आईडी और सरप्राइज बर्थडे पार्टी का दांव चार्जशीट के मुताबिक, जब केतन को ठिकाने लगाने की पिछली कोशिशें नाकाम हो गईं, तो आरोपी रितेश हांगे ने ‘माही’ नाम से एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया. इसमें एक परिचित लड़की की फोटो का इस्तेमाल किया गया. 18 जून को इस अकाउंट से केतन को मैसेज भेजा गया कि सिया की दोस्त माही लोहागढ़ किले पर सिया का सरप्राइज बर्थडे प्लान कर रही है और वह सिया को लेकर चुपचाप वहां आ जाए. सीधे और भोले-भाले स्वभाव का केतन इस झांसे में आ गया और बिना किसी शक के सिया को लेकर लोहागढ़ किले के लिए निकल पड़ा, बेखबर कि यह उसके लिए सजाया गया डेथ-ट्रैप था.

आंखों के इशारे से दिया धक्का, सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरा केतन प्लान के मुताबिक चेतन चौधरी पहले से ही लोहागढ़ किले के मंदिर के पास घात लगाकर बैठा था. जैसे ही केतन और सिया वहां पहुंचे, सिया ने चेतन को आंखों ही आंखों में इशारा किया. केतन जैसे ही बेखबर होकर खाई के किनारे खड़ा हुआ, सिया और चेतन ने मिलकर पूरी ताकत से उसे धक्का दे दिया और चेतन ने लात मारकर उसे सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरा दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. वारदात के तुरंत बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने ‘माही’ नाम का फेक अकाउंट डिलीट कर दिया.

सुपारी किलर से लेकर चैटजीपीटी और क्राइम पॉडकास्ट की ली मदद पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मार्च 2026 से ही केतन को अपाहिज बनाने या मारने की साजिश रची जा रही थी. आरोपियों ने पहले अंतरराज्यीय सुपारी किलरों से संपर्क किया था, लेकिन पकड़े जाने के डर से पीछे हट गए. इसके बाद मई महीने में उन्होंने खुद हत्या करने का फैसला किया. पुलिस से बचने, सबूत मिटाने और लोकेशन चुनने के लिए आरोपियों ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया, क्राइम पॉडकास्ट सुने, मर्डर फिल्में देखीं और मेघालय के बहुचर्चित ‘सोनम केस’ की स्टडी की. सीसीटीवी कैमरों के कारण उन्होंने लोनावला के टाइगर पॉइंट को छोड़कर लोहागढ़ किले को चुना, ताकि हत्या को ‘हादसा’ (सेल्फी लेते वक्त गिरना) साबित किया जा सके.

बाली ट्रिप रद्द करने के लिए कैफे के वॉशरूम में फाड़ा पासपोर्ट केतन को मारने की यह चौथी कोशिश थी. इससे पहले 4 जून को भी उसे किले पर ले जाया गया था, लेकिन योजना सफल नहीं हुई. इसके बाद 6 जून को जब वे प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाने वाले थे, तो सिया ने खालापुर के एक कैफे के वॉशरूम में केतन का पासपोर्ट फाड़कर फ्लश कर दिया, जिससे ट्रिप रद्द हो गई. 14 जून को भी सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहने पर “सांप आया, सांप आया!” चिल्लाकर नाटक रचा था.

तकनीकी सबूतों के दम पर कसा शिकंजा, फांसी दिलाने की तैयारी आरोपियों ने हत्या को हादसा दिखाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन पुणे ग्रामीण पुलिस ने डिजिटल फॉरेंसिक, कॉल डिटेल्स, रिकवर किए गए डिलीट डेटा, टेक्निकल सर्विलांस और 5 प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की मदद से मजबूत कड़ियां जोड़ीं. 5,053 पन्नों की इस चार्जशीट के आधार पर पुलिस अब आरोपियों को सख्त से सख्त सजा यानी फांसी की सजा दिलाने के लिए अदालत में मजबूती से पैरवी कर रही है.

 

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