
कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट निवासी दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट फाइल किए जाने के बाद मामले में बेगुनाह पाई गई बहू शालू 21 दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद आज सोमवार को जेल से बाहर आ सकती हैं। रिहाई परवाना जारी होते ही शालू सलाखों से आजाद हो जाएंगी, जिससे उनके मायके वाले और परिजनों में खुशी का माहौल है।
विशाल के बयान पर हुई थी गिरफ्तारी, सुब्रत निकला मुख्य साजिशकर्ता
उल्लेखनीय है कि बीते 5 सितंबर को विनीत मिनोचा की उनके ही फ्लैट में घुसकर चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में विनीत के पुराने नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। आरोपी विशाल ने पूछताछ में शालू के कहने पर हत्या को अंजाम देने का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हालांकि, जब पुलिस ने विशाल, राजकिशोर और शालू की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) लेकर गहन जांच व पूछताछ शुरू की, तो हत्या का असली मास्टरमाइंड विनीत का बेटा सुब्रत निकला। जांच में सुब्रत के खिलाफ कई ठोस और अहम वैज्ञानिक साक्ष्य मिले, जबकि शालू के खिलाफ कोई संलिप्तता नहीं पाई गई।
जेल से रिहा होकर मायके जाएंगी शालू, कमिश्नर ने की पुष्टि
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में शालू का विनीत हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं पाया गया है। उन्हें बेगुनाह मानते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है और सोमवार को कागजी कार्रवाई पूरी होने पर वे रिहा हो जाएंगी।
परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले दिन से शालू की बेगुनाही पर भरोसा था। रिहाई के बाद शालू रतन ऑर्बिट न जाकर अपने मायके में माता-पिता और बेटे श्रीजय के पास रहेंगी।















