उत्तर प्रदेश के मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड में बुधवार को अदालत का बड़ा फैसला आ गया है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा द्वितीय की अदालत ने मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया है। बुधवार को सुरक्षा कारणों से दोनों आरोपियों की जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए पेशी कराई गई थी। पत्रावलियों, वैज्ञानिक सबूतों और गवाहों के बयानों का गहन अनुशीलन करने के बाद अदालत ने माना कि दोनों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट भरकर सील कर दिए थे।
दोषी करार होते ही उड़े चेहरे के रंग, रोते हुए बैरक की तरफ लौटे दोनों आरोपी
जेल प्रशासन के अनुसार, फैसले वाले दिन सुबह से ही दोनों आरोपी काफी तनाव में थे। मुस्कान पिछले तीन दिनों से लगातार बैरक में पूजा-पाठ कर रही थी। जैसे ही जिला जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दोनों को दोषी करार दिया, उनके चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। अदालत की कार्यवाही खत्म होने के बाद जब दोनों रूम से बाहर निकले, तो उनकी आंखों में आंसू थे। हैरानी की बात यह रही कि इतना बड़ा फैसला आने के बाद भी मुस्कान और साहिल ने एक-दूसरे से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और बिना एक-दूसरे की तरफ देखे चुपचाप अपनी-अपनी बैरक की ओर चले गए।
जेल में रात का खाना खाने से किया इनकार, सुरक्षा बढ़ाई गई
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोषी ठहराए जाने के झटके के बाद मुस्कान और साहिल गुमसुम हो गए हैं। बुधवार की रात दोनों ने जेल में मिला खाना खाने से साफ मना कर दिया। जेल प्रशासन ने दोनों दोषियों की मानिसक स्थिति को देखते हुए उनकी सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। staff को उन पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। बताया गया कि बीते 17 महीनों से मुस्कान से मिलने उसका कोई परिजन जेल नहीं आया, जबकि साहिल से मिलने उसका भाई आता है।
14 अक्टूबर को सजा पर सुनवाई, पीड़ित पक्ष के वकीलों ने मांगी फांसी की सजा
फैसले के दौरान जिला जज ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “ऐसे जघन्य अपराध से समाज में डर और असुरक्षा का माहौल बनता है। कोर्ट की जिम्मेदारी सिर्फ सजा देने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हितों की रक्षा करना और कानून पर विश्वास बनाए रखना भी है।” जज ने दोनों से अपना पक्ष रखने को कहा और 15 दिन की मोहलत देते हुए सजा के ऐलान के लिए अगली सुनवाई की तारीख 14 अक्टूबर तय की है। फैसला सुनते ही अदालत में मौजूद सौरभ के भाई राहुल और मां रो पड़े। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत से दोषियों को फांसी (मृत्युदंड) की सजा देने की पुरजोर मांग की है।












