पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष पद: 2002 से 2026 तक का सियासी सफर, जानिए कौन रहा साथ और किसने छोड़ा हाथ; राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद परगट सिंह को कमान

पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलना कोई नई बात नहीं है। वर्ष 2002 से 2026 तक पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) की कमान आठ बड़े नेताओं ने संभाली। इस दौरान कुछ प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस छोड़कर प्रतिद्वंद्वी पार्टियों में चले गए, कुछ ने पार्टी के भीतर रहते हुए बागी तेवर अपनाए, तो कुछ सक्रिय राजनीति से पूरी तरह किनारे हो गए। अब अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे और परगट सिंह की नई नियुक्ति के बाद एक बार फिर पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति पर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पद छोड़ने के बाद अब वड़िंग का अगला राजनीतिक रुख क्या होगा?

2002 के बाद 8 नेताओं ने संभाली पंजाब कांग्रेस की बागडोर, कैप्टन दो बार बने चीफ

वर्ष 2002 के बाद से पंजाब कांग्रेस की कमान हरवेंद्र सिंह हंसपाल, शमशेर सिंह ढुल्लो, मोहिंदर सिंह कायपी, कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, सुनील जाखड़, नवजोत सिंह सिद्धू और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के हाथों में रही। इनमें से कैप्टन अमरिंदर सिंह दो बार प्रदेश अध्यक्ष पद पर काबिज रहे। 2 अक्टूबर 2026 को राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पार्टी आलाकमान ने पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।

कौन रहा कांग्रेस के वफादार और किसने बदला पाला? जानिए पूर्व अध्यक्षों का राजनीतिक सफर

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों का बाद का राजनीतिक सफर काफी उथल-पुथल भरा रहा:

  • हरवेंद्र सिंह हंसपाल: कांग्रेस छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। दिसंबर 2024 में उनका निधन हो गया।

  • शमशेर सिंह ढुल्लो: वर्तमान में कांग्रेस में ही हैं, लेकिन कई मौकों पर पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद उजागर होते रहते हैं।

  • मोहिंदर सिंह कायपी: अप्रैल 2024 में कांग्रेस छोड़कर शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल हुए और जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ा।

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह: 2021 में कांग्रेस से अलग होकर ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई और सितंबर 2022 में अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर दिया।

  • सुनील जाखड़: मई 2022 में कांग्रेस को अलविदा कहकर बीजेपी में शामिल हुए और जुलाई 2023 से पंजाब बीजेपी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

  • नवजोत सिंह सिद्धू: फिलहाल किसी राजनीतिक दल से सक्रिय रूप से नहीं जुड़े हैं और राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। अप्रैल 2026 में उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भी स्पष्ट किया था कि सिद्धू किसी पार्टी में नहीं हैं।

  • प्रताप सिंह बाजवा: लगातार कांग्रेस के साथ बने हुए हैं और पार्टी की राज्य स्तरीय संगठन संरचना व चुनाव समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

साढ़े चार साल बाद राजा वड़िंग ने क्यों छोड़ा पद? सचिन पायलट पर उठाए सवाल

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभाली थी और लगभग साढ़े चार साल तक इस पद पर रहे। 2 अक्टूबर 2026 को उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात कर औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया। वड़िंग ने दावा किया कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था और उन्होंने स्वैच्छिक इस्तीफा दिया है। हालांकि, उन्होंने पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि पायलट उन्हें पद से हटाना चाहते थे, हालांकि इसका कोई आधिकारिक सबूत उनके पास नहीं है।

अब क्या करेंगे राजा वड़िंग? राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भावी रणनीति की साफ

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल के अनुभवों, राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने मुश्किल वक्त में जिम्मेदारी देने के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। वड़िंग ने साफ किया कि उनके कांग्रेस छोड़ने की अटकलें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। वे पार्टी के समर्पित सिपाही की तरह काम करते रहेंगे और लुधियाना से लोकसभा सांसद (MP) के रूप में अपनी बजटीय व संसदीय जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।

 

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