
पीलीभीत। सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बृहस्पतिवार को दो उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को भी आरोपी बनाया गया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश के बाद जिलाधिकारी ने जांच कराई थी। प्रारंभिक जांच में पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी पर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान दोनों अधिकारी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पद पर तैनात थे।
दोनों एसडीएम पद से हटाए गए
निर्वाचन आयोग ने बुधवार को दोनों एसडीएम को उनके पदों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसके अलावा मतदाता पंजीकरण केंद्र (वीआरसी) में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।
अब दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन मामले से जुड़े तथ्यों और शिकायतों की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगा।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों से गरमाई सियासत
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित हेरफेर का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है।
सपा ने सोमवार को इस मामले में ज्ञापन सौंपा था, जबकि बुधवार को कांग्रेस ने भी मुद्दा उठाया। दोनों दलों के नेताओं ने मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच कराने और कथित अनियमितताओं को दूर करने की मांग की है।
कांग्रेस ने 16 हजार से अधिक वोटों में हेरफेर का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने मतदाता सूची में 13 हजार से अधिक वोटों में गड़बड़ी और कुल 16 हजार से ज्यादा वोटों में हेरफेर का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष के एक मौजूदा विधायक के इशारे पर अधिकारियों का एक समूह काम कर रहा था।
कांग्रेस नेता ने तत्कालीन जिलाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा।
ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
सपा ने अधिकारियों पर लगाया सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप
समाजवादी पार्टी ने भी प्रेसवार्ता कर सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू ने इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
सपा नेताओं का आरोप है कि अधिकारियों ने सत्ता पक्ष के दबाव में काम किया। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के बाद भी मतदाताओं के निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) नंबर बदले गए। पार्टी नेताओं ने आशंका जताई कि इसके जरिए मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की गई।
सपा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मतदाता सूची में मिली गड़बड़ियों को सुधारने की मांग की है।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर मामला गंभीर हो गया है। दो एसडीएम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने, उन्हें पदों से हटाए जाने और कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद अब विभागीय जांच पर नजर है।
फिलहाल मतदाता सूची में कथित हेरफेर को लेकर सपा और कांग्रेस के आरोपों की जांच तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

















