
Mallikarjun Kharge Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया। वहीं, बीजेपी के कई नेताओं ने खरगे से माफी मांगने की मांग की है।
खरगे के बयान पर क्यों मचा बवाल?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में एक सभा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हमला बोला और खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भाजपा के कई नेताओं ने खरगे की आलोचना की है। अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लिया है।
खरगे ने सभा में क्या कहा था?
मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक, रविवार को पटना में एक सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे वोट चोरी के मुद्दे पर बोल रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा, “मोदी कहीं नहीं जाएंगे।”
इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
सभा के दौरान कथित तौर पर उस व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने और उसे बाहर निकाले जाने की बात भी सामने आई। बाद में उसकी पहचान संतोष कुमार के रूप में बताई गई, जिसके कांग्रेस कार्यकर्ता होने की जानकारी दी गई। संतोष कुमार ने कथित तौर पर कहा कि गलतफहमी के कारण उनके साथ मारपीट हुई।
वहीं, बीजेपी ने आरोप लगाया है कि खरगे की टिप्पणी के पीछे कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक रणनीति है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए तथ्य सामने नहीं आए हैं।
राजनाथ सिंह ने जताई नाराजगी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खरगे की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी ने उन्हें स्तब्ध और आहत किया है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी किसी सामान्य कार्यकर्ता की ओर से नहीं, बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से की गई है।
राजनाथ सिंह के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे पद पर बैठे व्यक्ति से सार्वजनिक जीवन में गंभीरता, संयम और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे के बयान से करोड़ों देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि गलती स्वीकार कर खेद जताने के बजाय पार्टी बयान को सही ठहराने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
‘स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची’
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के परिवार को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता पहले भी प्रधानमंत्री मोदी की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी दिवंगत मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं।
















