
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी रफ्तार से सक्रिय कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में अगले साल अप्रैल तक चुनाव संपन्न कराने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपने संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इस बार पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस नए और युवा मतदाताओं को अपने पाले में जोड़ने पर है।
CM योगी का निर्देश: वोटर लिस्ट रिवीजन अभियान (SSR) पर रखें पैनी नजर
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त भाजपा का पूरा ध्यान चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा चलाए जा रहे ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SSR) यानी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर है। बीते 24 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शीर्ष भाजपा पदाधिकारियों और राज्य कार्यसमिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की थी।
बैठक के दौरान सीएम योगी ने जिला, क्षेत्र और मंडल स्तर के नेताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे पात्र और नए मतदाताओं के नाम प्राथमिकता के आधार पर वोटर लिस्ट में शामिल करवाएं। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची में किसी भी संभावित गड़बड़ी पर सख्त नजर रखने और वोटर लिस्ट को लेकर फैलने वाली किसी भी अफवाह का तत्काल खंडन करने को कहा गया है।
लखनऊ में हाई-टेक कॉल सेंटर तैयार, 15 नवंबर के बाद होगा बड़ा विस्तार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी विनोद तावड़े के मार्गदर्शन में रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए लखनऊ में एक आधुनिक और हाई-टेक कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। इस पूरे सेटअप का प्रबंधन यूपी बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और पूर्व आईटी सेल प्रमुख संजय राय संभाल रहे हैं।
फिलहाल लखनऊ सेंटर में 200 प्रशिक्षित टेलीकॉलर्स के साथ काम शुरू किया गया है। ये कॉलर्स सीधे बूथ व ब्लॉक स्तर के जमीनी कार्यकर्ताओं से संपर्क साध रहे हैं और उन्हें पार्टी के आगामी अभियानों, रैलियों व शीर्ष नेताओं के दौरों की पल-पल की जानकारी दे रहे हैं।
कॉल सेंटर विस्तार योजना:
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15 नवंबर तक: टेलीकॉलर्स की संख्या में बड़ा इजाफा किया जाएगा।
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दिसंबर तक: राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में नए क्षेत्रीय कॉल सेंटर खोले जाएंगे।
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कुल क्षमता: दिसंबर तक प्रदेश भर में 1,000 से अधिक कॉलर्स की फौज तैनात होगी।
क्या है भाजपा का ‘कॉल सेंटर मॉडल’ और यह कैसे करता है काम?
गौरतलब है कि भाजपा हर चुनाव वाले राज्य में सीधे मतदाताओं और बूथ कार्यकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने के लिए एक विशाल ‘कॉल सेंटर मॉडल’ का इस्तेमाल करती है। ये कॉल सेंटर चुनाव के दिन तक लगातार 24×7 काम करते हैं।
इनका मुख्य कार्य जमीनी कार्यकर्ताओं को शीर्ष नेतृत्व के दिशा-निर्देशों से अपडेट रखना, विभिन्न क्षेत्रों से स्वतंत्र फीडबैक जुटाना और उन इनपुट्स को रियल-टाइम में केंद्रीय व राज्य नेतृत्व तक पहुंचाना है, ताकि त्वरित राजनीतिक फैसले लिए जा सकें।















