रामपुर जेल से छूटते ही आजम खान फिर हिरासत में: ED ने जेल के गेट से पकड़ा, अखिलेश यादव बोले- ‘BJP से न्याय की उम्मीद नहीं’

Azam Khan Detained by ED: इलाहाबाद हाई कोर्ट से दोहरे पैन कार्ड मामले में राहत मिलने और जमानत मंजूर होने के बाद रामपुर जिला जेल से रिहा हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। शनिवार को करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आते ही जेल के गेट पर पहले से मौजूद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में तुरंत हिरासत में ले लिया।

रिहाई के ठीक बाद दोबारा हिरासत में लिए जाने पर आजम खान बेहद भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण का जिक्र करते हुए सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा निशाना साधा। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और किस तरह इस पर सियासी घमासान छिड़ गया है।

‘मुसलमान होने की सजा मिल रही’: आजम खान का छलका दर्द

जेल से बाहर निकलते ही ED की कार्रवाई का सामना करने पर आजम खान ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा, “अब कहने को क्या बचा है? मैं क्या कह सकता हूं? कानून का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। क्या यह सिर्फ एक मुसलमान होने की सजा है? हमारी एकमात्र गलती यह थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई और बच्चों के लिए स्कूल-कॉलेज तैयार किए। क्या यह हमारा अपराध है?”

इस दौरान जेल परिसर के बाहर उनके समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी, जो आजम खान के समर्थन में और ईडी की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी कर रही थी। हालांकि रिहाई के बाद आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया।

अखिलेश यादव और सपा का बीजेपी पर करारा हमला

आजम खान को जेल के गेट से हिरासत में लिए जाने के बाद समाजवादी पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

  • अखिलेश यादव का बयान: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पूरी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आजम खान ने जो कहा वह पूरी तरह सच है। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बीजेपी से किसी भी तरह के न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।”

  • सपा प्रवक्ता का आरोप: सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार लगातार आजम साहब के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें जेल में रखने की कायराना कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि आजम खान के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, जो कि संविधान और कानून का उल्लंघन है।

जौहर यूनिवर्सिटी और मनी लॉन्ड्रिंग का क्या है मामला?

ED के अधिकारियों के अनुसार, आजम खान के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जा रही है और एजेंसी उन्हें गाजियाबाद की विशेष कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी की मांग कर सकती है।

दरअसल, 28 अक्टूबर को ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी की कई जमीनों और इमारतों को कुर्क (Attach) कर लिया था। ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आम जनता के विकास कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धन का दुरुपयोग करके उसे निजी शिक्षण संस्थान यानी जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाया गया था। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए ईडी की टीम रामपुर जेल पहुंची थी।

दोहरे पैन कार्ड केस: हाई कोर्ट से मिली थी राहत, लेकिन…

अब्दुल्ला आजम के दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने और उनका इस्तेमाल करने के मामले में रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने नवंबर 2025 में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला दोनों को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद अभियोजन पक्ष की अपील पर सजा को बढ़ाकर आजम खान के लिए 10 साल (और 5 लाख रुपये जुर्माना) कर दिया गया था, जबकि अब्दुल्ला की 7 साल की सजा बरकरार रखी गई थी।

इस फैसले को आजम खान और उनके बेटे ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने गुरुवार को दोनों की सजा को निलंबित करते हुए जमानत दे दी थी (हालांकि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई थी)। इसी आदेश के बाद शनिवार शाम दोनों की रिहाई हुई थी, लेकिन जेल से बाहर आते ही आजम खान को ED ने अपनी हिरासत में ले लिया।

 

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