
- अनुप्रिया पटेल फिर बनीं अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ। अपना दल (एस) के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को एक बार फिर सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में पार्टी के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आम लोगों के बीच जाकर काम करना चाहिए।
इस दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चा हुई। योगी सरकार में मंत्री और अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल से जब पूछा गया कि यूपी का मुख्यमंत्री किस जाति का होना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अवसर है। उन्होंने कहा कि लोहार, कोहार, नाई, निषाद, प्रजापति और पटेल समेत सभी जातियों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
आशीष पटेल ने कहा कि वह प्रार्थना कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में तमाम समाज के लोगों को मौका मिले। पटेल समाज का भी मुख्यमंत्री होना चाहिए।
‘विपक्ष को संविधान में कोई आस्था नहीं’
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दस लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा करने वाले एक लाख की भीड़ भी नहीं जुटा पाए। एसआईआर को लेकर विपक्ष की कवायद पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इनकी संविधान में कोई आस्था नहीं है। उनकी ड्रामेबाजी के पीछे व्याकुलता है।
अनुप्रिया पटेल ने इंडिया गठबंधन को सलाह देते हुए कहा कि विपक्षी दलों को आम लोगों के बीच जाकर काम करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष के दावों और राजनीतिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाए।
‘अपना दल 24 घंटे काम करने वाला दल’
पीडीए के मुद्दे पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जिन लोगों के पीडीए को लेकर दावे किए जाते हैं, वे पहले से ही हमारे साथ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीडीए के लिए कई घोषणाएं की हैं।
अनुप्रिया पटेल ने अपना दल (एस) को 24 घंटे काम करने वाला दल बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी बूथ स्तर पर अपनी तैयारी कर रही है और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
गठबंधन में सीटों पर नेतृत्व करेगा फैसला
सम्मेलन के दौरान गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी गठबंधन का हिस्सा है। सीटों को लेकर पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, वही मान्य होगा।
उन्होंने सीटों के बंटवारे पर किसी तरह की अलग मांग या निर्णय का ऐलान नहीं किया। पार्टी नेतृत्व के फैसले को ही अंतिम मानने की बात कही।

















