दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने पर GRAP-2 लागू, AQI 324 पहुंचा; पार्किंग फीस बढ़ेगी, जनरेटर पर भी पाबंदी

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण यानी GRAP-2 तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इसके तहत धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय तेज किए जाएंगे। निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।

सीएक्यूएम की ओर से 2 नवंबर को जारी आदेश के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है। 31 अक्टूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 117 था, जो 1 नवंबर को बढ़कर 261 हो गया। इसके बाद सोमवार को AQI 324 दर्ज किया गया। यह स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।

GRAP-2 में पार्किंग फीस बढ़ेगी, सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

GRAP-2 लागू होने के बाद निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे। इसके साथ ही दिल्ली-NCR में सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों की सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। मेट्रो की फ्रीक्वेंसी में भी जरूरत के मुताबिक इजाफा किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

आयोग ने लोगों से निजी वाहनों की जगह बस और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को प्राथमिकता देने की अपील की है। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या और उनसे होने वाले प्रदूषण को कम करना है।

डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर सख्ती

GRAP-2 के तहत डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा। निर्धारित नियमों के अनुसार, बिजली उत्पादन के लिए केवल प्राकृतिक गैस, बायोगैस और एलपीजी से चलने वाले जनरेटर के इस्तेमाल की अनुमति होगी। 800 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले जनरेटर को भी निर्धारित शर्तों और रेट्रोफिटिंग से जुड़े प्रावधानों के तहत ही चलाया जा सकेगा।

रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को अपनी सोसाइटियों में खुले में कूड़ा और लकड़ी जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों को निगरानी बढ़ानी होगी।

सड़कों पर रोजाना होगी सफाई और पानी का छिड़काव

धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए चिन्हित सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी। जरूरत के मुताबिक पानी का छिड़काव भी किया जाएगा। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने पर रोक लगाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।

मौसम के पूर्वानुमान के बाद लिया गया फैसला

सीएक्यूएम के मुताबिक, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका जताई गई थी। इसी को देखते हुए पूरे दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू करने का फैसला लिया गया।

आयोग ने कहा है कि दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी। प्रदूषण के स्तर और मौसम की स्थिति के आधार पर आगे के कदम तय किए जाएंगे। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो GRAP के अगले चरण भी लागू किए जा सकते हैं।

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