
राजधानी दिल्ली में खुलेआम हर तरह के पटाखों की बिक्री और उपलब्धता पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता जताई है. एक प्रमुख मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत ने सरकार से इस संवेदनशील मामले पर तत्काल ध्यान देने और सख्त कार्रवाई करने को कहा है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने केवल लाइसेंस प्राप्त ‘ग्रीन क्रैकर्स’ (हरित पटाखे) की बिक्री की ही अनुमति दी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है.
कोर्ट की केवल ग्रीन क्रैकर को मंजूरी, QR कोड भी अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान दोहराया कि उसने सिर्फ अधिकृत और लाइसेंस वाले ग्रीन क्रैकर्स की बिक्री को ही हरी झंडी दी है. प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए पटाखों के डिब्बों पर पुष्टि हेतु ‘क्यूआर कोड’ (QR Code) छापना अनिवार्य किया गया था. इसके बावजूद यह सामने आ रहा है कि बाजार में नियमों को ताक पर रखकर सभी तरह के पटाखे बेखौफ और आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
जस्टिस सुंदेश ने मीडिया रिपोर्ट का दिया हवाला
पीठ के सदस्य जस्टिस एमएम सुंदेश ने सरकार का पक्ष रख रहीं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी से कहा कि एक मीडिया रिपोर्ट में छपी तस्वीर से साफ उजागर होता है कि अदालत के आदेश के बावजूद दुकानों पर हर किस्म का सामान मिल रहा है. उन्होंने कहा कि चाहे पटाखे लाइसेंस वाले हों या बिना लाइसेंस वाले, क्यूआर कोड वाले हों या बिना कोड के—बाजार में सब कुछ खुलेआम बिक रहा है. कोर्ट ने केंद्र व राज्य प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
















