कानपुर कांड : अमर दुबे एनकाउंटर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, कोतवाल समेत मुठभेड़ से जुड़े अफसरों से ली जानकारी

-पुलिस मुठभेड़ की कार्रवाई का टीम ने घटनास्थल पर किया रिहर्सल
-रिहर्सल दौरान जांच कर जुटायें, कोतवाल समेत मुठभेड़ से जुड़े अफसरों से ली जानकारी


हमीरपुर, । मौदहा कस्बे के इंगोहटा मार्ग में चार दिन पूर्व दुर्दान्त विकास दुबे के साथी अमर दुबे को मुठभेड़ में ढेर किये जाने के बाद सोमवार को लखनऊ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम, यहां डेरा डालकर मुठभेड़ स्थल पर साक्ष्य जुटाने में जुट गई है। मौके पर टीम ने पहुंचकर बारीकी से जांच पड़ताल की और मुठभेड़ में घायल हुये कोतवाल तथा अन्य पुलिस कर्मियों से भी टीम ने जानकारी हासिल की। टीम के अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों से सवाल-जवाब भी किये। मुठभेड़ स्थल पर अमर दुबे को कैसे ढेर किया गया। इसे टीम ने रिहर्सल कराया है।

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का भी एसटीएफ ने नौ जुलाई को खेल खत्म कर दिया था। शासन ने इस मामले की जांच एसआईटी को दी है। आज लखनऊ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक एके श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक टीम मौदहा कस्बे पहुंची और मुठभेड़ स्थल पर बारीकी से जांच करने के बाद साक्ष्य जुटाये हैं। टीम ने मुठभेड़ में घायल कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला और अन्य पुलिस कर्मियों से भी मुठभेड़ से सम्बन्धित महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर जानकारी हासिल की है।

मौदहा कोतवाली के इंस्पेक्टर मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम ने मुठभेड़ स्थल पर जांच की है। मुठभेड़ में शामिल पुलिस कर्मियों से टीम ने पूछताछ की है। दुर्दान्त अमर दुबे से कैसे मुठभेड़ हुयी और कैसे उसका एनकाउन्टर हुआ यह सब टीम ने मौके पर जांच की है।

अमर दुबे एनकाउंटर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
पिछले आठ जुलाई को मौदहा कस्बे के नेशनल मार्ग में यूपी एसटीएफ व मौदहा कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चले एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे के मामले की जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश दिए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले बुधवार को मौदहा क्षेत्र के नेशनल मार्ग में अमर दुबे एनकाउंटर मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के लिए उन्हें जिला मजिस्ट्रेट ने नामित किया है। बताया कि एक पक्ष के अंदर विस्तृत जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच के संबंध में जिस किसी को लिखित, मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करना हो तो वह उनके कार्यालय में नोटिस, सूचना निर्गत होने के 17 जुलाई तक किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है।

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