
उत्तर प्रदेश में कानपुर के बर्रा में संजीत यादव का शव पांडू नदी से अब तक बरामद नहीं हो पाया है। मां बार-बार चिल्ला कर बेटे को आवाज दे रही हैं। बहन रुचि रो-रोकर पुलिस से गुहार लगा रही है कि भाई को जिंदा तो नहीं ला सके, कम से कम मुर्दा ही ला दो। रक्षाबंधन आ रहा है आखिरी बार उसकी कलाई पर राखी तो बांध दूं। यह सब देखकर आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो जा रही हैं।
पुलिस ने तो भाई और मेरे कैरेक्टर पर ही उंगली उठा दी थी
रुचि कहती हैं कि पुलिस से क्या उम्मीद करूं? 31 दिन तक दर-दर भटकती रही, लेकिन पुलिस भाई को तलाशने की बजाय उसके और मेरे कैरेक्टर पर सवाल उठाती रही। मां से कहा कि तुम्हारी बेटी के चक्कर में बेटे को अगवा किया गया है। क्या-क्या बताऊं आपको इन 31 दिनों में क्या-क्या नहीं सुना है पुलिसवालों की जुबान से।
पुलिस ने धमकाया तो मीडिया से भी झूठ बोला
रुचि ने कहा कि पुलिसवाले कभी धमकाते थे कि ज्यादा मत बोलो। कभी कहते थे कि मीडिया तुम्हारे भाई को ढूंढने नहीं जाएगी, इसलिए मीडिया के पास मत जाओ। जितना ज्यादा जाओगी, तुम्हारे भाई की जिंदगी उतना ही खतरे में पड़ जाएगी। कई बार तो हमने पुलिसवालों के कहने पर मीडिया से झूठ बोला।
संजीत हमेशा ही लड़ाई-झगड़े से दूर रहता था
रुचि ने कहा कि मेरा भाई पूरे मोहल्ले को समझाता था। हंसी-खुशी जिओ, जिंदगी का कोई भरोसा नहीं- लड़ने से क्या फायदा, गले मिलकर रहो। अब आप ही बताओ, मेरा भाई लड़ाई-झगड़े से कितना दूर रहता था? उसने किसी का क्या बिगाड़ा था?
हत्यारों को सामने फांसी दो, तभी सुकून मिलेगा
रुचि ने कहा कि जिस तरह मेरे भाई को तड़पा-तड़पा कर मारा गया, वैसे ही दोषियों को भी तड़पा-तड़पा कर मेरे सामने फांसी दी जाए, तब मेरे परिवार को सुकून मिलेगा। रुचि ने कहा कि जितने पुलिसकर्मी दोषी हैं उन्हें भी नहीं बख्शा जाए, क्योंकि उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे जहां रहेंगे, वहां फिर किसी के घर का चिराग बुझ जाएगा।
एक महीने पहले हुआ था अपहरण
कानपुर के बर्रा इलाके में रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत का 22 जून को अपहरण किया गया था। 26 जून को उसकी हत्या कर दी थी। 29 जून को उसके परिवार वालों के पास फिरौती के लिए फोन आया। 30 लाख रुपए फिरौती मांगी गई की थी। परिवार का आरोप है कि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में 30 लाख की फिरौती दी, इसके बाद भी उनका बेटा नहीं मिला।
गुरुवार को हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
संजीत के दो दोस्तों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने संजीत का शव पांडू नदी में फेंक दिया था। इस मामले में एक आईपीएस समेत 11 पुलिसकर्मियोां को सस्पेंड किया गया है।











