
शहजाद अंसारी
लखनऊ। एएसपी सिटी बिजनौर लक्ष्मी निवास मिश्र द्वारा महिला सिपाही पर अनैतिक सम्बन्ध बनाने का दबाव डालने के बाद उसका मानसिक उत्पीड़न करने का मामला आईजी मुरादाबाद से होता हुआ लखनऊ मुख्यालय तक पहुंच गया है। महिला आरक्षी ने शारिरिक व मानसिक उत्पीड़न करने वाले एएसपी सिटी व उसका साथ देने वाले आरआई के विरुद्ध साक्ष्यों के साथ इंसाफ पाने के लिए कार्रवाही की गुहार लगाई है। महिला सिपाही की इज्जत से जुड़ा मामला होने से पुलिस विभाग के साथ साथ भाजपा सरकार पर विपक्ष को हल्ला बोलने का मौका मिल गया है।
बिजनौर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के डीसीआरबी अनुभाग में तैनात महिला आरक्षी ने बीते दिन सोमवार को आईजी कार्यालय मुरादाबाद पहुंचकर आईजी रमित शर्मा को बिजनौर एएसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र पर अनुचित सम्बन्ध बनाने का दबाव डालने और न मानने पर कार्रवाहियां कराकर मानसिक उत्पीड़न किये जाने की लिखित शिकायत की। महिला आरक्षी द्वारा एसपी सिटी पर ऐसे गंभीर आरोप लगाने से बिजनौर से लेकर लखनऊ तक हडकम्प मच गया। महिला आरक्षी ने आईजी के समक्ष पेश होकर सबूतों के साथ तीन पन्नो का प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पांच माह पूर्व 11 मार्च 20 की रात्रि से बिजनौर एएसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र द्वारा उसपर अनैतिक सम्बन्ध बनाने का दबाव डाला जा रहा है। एएसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र द्वारा की गई फरमाईश जब मैंने पूरी नही की तो मेरा लगातर शारिरिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। पीडित महिला आरक्षी ने अपने शिकायती पत्र में यह भी कहा कि बीती 05 अगस्त को पुलिस अधीक्षक बिजनौर संजीव त्यागी से भी इस मांमले की लिखित शिकायत की थी जिसकी जांच सीओ अर्चना सिंह द्वारा की जा रही लेकिन कोई ठोस कार्रवाही नही की गई उल्टा उनके विभाग के अधिकारी एंव एएसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र के करीबी उसपर एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र के हिसाब से नौकरी करने का दबाव बना रहे है। पीडित महिला आरक्षी का यह भी आरोप है कि एएसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र की इस करतूत में पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक पूरी तरह शामिल है जिसका उसके पास पुख्ता सबूत है। आईजी रमित शर्मा ने शिकायत को गंभीरता से सुनकर पीडित महिला आरक्षी को मांमले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाही का भरोसा दिया है। महिला सिपाही की इज्जत से जुड़ा मामला होने से पुलिस विभाग के साथ साथ भाजपा सरकार पर भी विपक्ष ने सोशल मीडिया पर हल्ला बोलना शुरु कर दिया है। अब देखना यह कि महिला आरक्षी के उत्पीड़न के मामले में विभाग के उच्चाधिकारी अपने ही महकमे के अधिकारी पर शर्मनाक आरोप लगने के बावजूद कार्रवाही कर पाते हैं या सिर्फ पुलिस अफसर से जुड़ा मामला होने पर लीपा पोती कर दी जाती है।











