AAA Technologies ने खुद को AI-आधारित साइबर सिक्योरिटी कंपनी के रूप में री-पोज़िशन किया, वर्कफोर्स को 10 गुना बढ़ाकर 1,000 करने का लक्ष्य

AAA Technologies Limited (NSE: AAATECH; BSE: 543671),  मुंबई की एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी है, ने आज खुद को “Cyber Security Through AI” कंपनी के रूप में री-पोज़िशन करने की घोषणा की। कंपनी चार नई AI-आधारित सेवाएं जोड़ रही है और अपने प्रोफेशनल वर्कफोर्स को 100 से बढ़ाकर 1,000 करने का लक्ष्य रख रही है। यह कदम अगस्त 2026 में पूरे हुए कंपनी के ओनरशिप और मैनेजमेंट में बदलाव के बाद उठाया गया है।

AAA, जो भारत की पहली लिस्टेड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी कंपनी है, 25+ सालों में 12,700 से ज़्यादा असाइनमेंट पूरे कर चुकी है, और अब अपने बिज़नेस को साइबर सिक्योरिटी ऑडिट से आगे बढ़ाकर रेमेडिएशन और कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग तक ले जा रही है। इसकी नई सर्विस लाइन्स में शामिल हैं, AI-ड्रिवन साइबर सिक्योरिटी ऑडिट; फॉरेंसिक ऑडिट, जिसमें डीपफेक एनालिसिस भी शामिल है; भारत के Digital Personal Data Protection (DPDP) Act के तहत कंप्लायंस; और एक एनुअल AI-लेड साइबर एश्योरेंस प्रोग्राम, जो कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग को समय-समय पर होने वाले ह्यूमन रिव्यू के साथ जोड़ता है।

यह बदलाव बढ़ती लागत और सख्त होते रेगुलेशन के जवाब में हो रहा है। IBM की 2026 Cost of a Data Breach Report के मुताबिक, भारत में एक ब्रीच की औसत लागत रिकॉर्ड ₹25.5 करोड़ तक पहुंच गई है, जो एक साल पहले के मुकाबले 15.9% ज़्यादा है। IBM ने यह भी पाया कि भारत में हुए मैलिशियस ब्रीचेज़ में से 26% AI-जेनरेटेड थे, जबकि 68% भारतीय ऑर्गनाइज़ेशन्स AI और सिक्योरिटी ऑटोमेशन का इस्तेमाल बहुत सीमित मात्रा में करते हैं या बिल्कुल नहीं करते। DPDP नियमों के तहत, पूरी कंप्लायंस 13 मई 2027 तक ज़रूरी है, और रीज़नेबल सिक्योरिटी सेफगार्ड्स मेंटेन न करने पर ₹250 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। MarketsandMarkets का अनुमान है कि भारत का साइबर सिक्योरिटी मार्केट 2025 में US$8.58 बिलियन का है, जो 2030 तक बढ़कर US$16.86 बिलियन हो जाएगा।

AAA के पास 100 से ज़्यादा इंटरनेशनली सर्टिफाइड प्रोफेशनल्स हैं, और कंपनी अपने सारे एंगेजमेंट्स इन-हाउस डिलीवर करती है। कंपनी के पास ISO 9001:2015, ISO 27001:2022 और ISO 20000-1:2018 सर्टिफिकेशन्स हैं, और यह CMMI Level 3 अप्रेज़्ड है। कंपनी 2005 से CERT-In एम्पैनल्ड है, और 2026 में इसे NICSI (2029 तक) और State Bank of India के साथ Information System Audit Organisation के तौर पर (मार्च 2029 तक) नई एम्पैनलमेंट मिली हैं। ऑर्डर बुक और पाइपलाइन की जानकारी आने वाली रिलीज़ में साझा की जाएगी।

29 दिसंबर 2025 को हुए एक शेयर परचेज़ एग्रीमेंट के तहत, Jyotirgamya Advisory Private Limited और श्री अशोक कुमार चोरड़िया ने कंपनी के फाउंडिंग प्रमोटर्स से 34.38% हिस्सेदारी खरीदी, जिसके बाद 23 अप्रैल से 7 मई 2026 के बीच पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए ₹101 प्रति शेयर की दर से ओपन ऑफर दिया गया। फाउंडिंग प्रमोटर्स तब से बाहर निकल चुके हैं, और श्री वेणुगोपाल ढूत ने 31 अगस्त 2026 को चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया।

अशोक कुमार चोरड़िया, डायरेक्टर और प्रमोटर, AAA Technologies ने कहा, “AAA के पास रेगुलेटर्स, बैंकों और सरकार के बीच 25+ सालों की साख है। हमारा निवेश उसी साख को AI-लेड रेमेडिएशन और एश्योरेंस तक बढ़ाने में है, जहां क्लाइंट डिमांड और रेगुलेटरी प्रेशर दोनों बढ़ रहे हैं। हम उसी हिसाब से टीम और कैपेबिलिटीज़ तैयार करेंगे।”

यह री-पोज़िशनिंग AAA Technologies के लिए एक नए चैप्टर की शुरुआत है, जहां कंपनी अपनी स्थापित साख पर आगे बढ़ते हुए साइबर सिक्योरिटी वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी को और मज़बूत कर रही है।

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