उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। आगामी चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बड़ा सियासी दांव चला है। भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कई बड़े वादे किए और मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो राज्य में विकास और रोजगार के नए रास्ते खोले जाएंगे, साथ ही जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को पूरी जवाबदेह बनाया जाएगा।
विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और मंदिर निर्माण का वादा
समारोह को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि आज पूरा देश भगवान विश्वकर्मा को याद कर रहा है, जिन्होंने न केवल इस सृष्टि की रचना की बल्कि पौराणिक नगरी द्वारिकापुरी का भी निर्माण कराया था। इस दौरान उन्होंने कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में अगली समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर भगवान विश्वकर्मा जयंती के दिन आधिकारिक छुट्टी घोषित की जाएगी। इसके अलावा, गोमती रिवर फ्रंट के पास भगवान विश्वकर्मा का भव्य मंदिर निर्माण का कार्य भी कराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी विश्वकर्मा समाज के पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष बाजार उपलब्ध कराएगी और उनके व्यापार को गति देने के लिए एक विशेष बजट का प्रावधान भी किया जाएगा।
कानपुर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण पर उठाए गंभीर सवाल
सड़कों और एक्सप्रेसवे के विकास को लेकर अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला है। कानपुर एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि जिस गुणवत्ता के साथ निर्माण होना चाहिए था, वैसा बिल्कुल नहीं हुआ है, यही वजह है कि आज भी सड़कों के टूटने और लगातार मरम्मत की खबरें सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए एक्सप्रेसवे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वहां अब भी सुधार कार्य चल रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने सपा के विकास कार्यों की नकल करके इसे जल्दबाजी में शुरू कर दिया, लेकिन स्थिति यह है कि अगर कोई वाहन चालक थोड़ी भी रफ्तार पकड़ ले, तो उसे सीधे अस्पताल पहुंचना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में बनाए गए एक्सप्रेसवे में भी बड़ा गोरखधंधा चल रहा है और लिंक एक्सप्रेसवे का काम आज भी अधूरा पड़ा है, जो छह लेन की बजाय केवल चार लेन का ही बनकर रह गया है।
भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दों पर सरकार को घेरा
प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार और आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जितनी लूट और भ्रष्टाचार इस मौजूदा बीजेपी सरकार के कार्यकाल में देखने को मिल रहा है, उतना इतिहास की किसी अन्य सरकार में नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए वित्तीय घाटे की बात कहती है और सरकारी एसेट बेचने की बात कर रही है। अंसल हाईटेक सिटी का जिक्र करते हुए उन्होंने गंभीर घोटाले का आरोप लगाया और कहा कि संपत्तियों को कैसे बर्बाद किया जाए और कैसे हथियाया जाए, इस पर बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। इसके साथ ही यूपीआई ट्रांजैक्शन और डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले संभावित शुल्कों को लेकर उन्होंने कटाक्ष किया कि सरकार फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का सपना तो दिखाती है, लेकिन हर लेन-देन पर जनता से चुंगी वसूलने का काम कर रही है। उन्होंने अंत में कहा कि आज युवा आईटीआई पास करके नौकरियों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और सरकार के पास महंगाई तथा बेरोजगारी का कोई जवाब नहीं है, इसलिए अब इस सरकार का जाना तय है।












