नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के निर्णायक मोड़ पर चुनाव आयोग के कड़े रुख के बाद दक्षिण 24 परगना में शांतिपूर्ण तरीके से पुनर्मतदान (Repoll) संपन्न हो गया। डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार को मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन केंद्रों पर करीब 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो चुनावी शुचिता और लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है।
भारी सुरक्षा के बीच 90% वोटिंग: लोकतंत्र की जीत
बता दें कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार को इन 15 केंद्रों पर 29 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया था। शनिवार (2 मई) को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कड़ी सुरक्षा और केंद्रीय बलों की निगरानी में फिर से वोट डाले गए। आंकड़ों के अनुसार:
-
डायमंड हार्बर: यहाँ के 4 बूथों पर करीब 87.60% मतदान हुआ।
-
मगराहाट पश्चिम: यहाँ के 11 बूथों पर 86.11% से अधिक वोट पड़े।
शाम होते-होते कुल औसत मतदान 90 प्रतिशत के जादुई आंकड़े के करीब पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि विवादों के बावजूद वोटर अपने मताधिकार के प्रति सजग हैं।
BJP का ‘EVM टेपिंग’ आरोप और आयोग का एक्शन
इन 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग कराने की मुख्य वजह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शिकायत थी। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि 29 अप्रैल को मतदान के दौरान कई केंद्रों पर EVM मशीनों के ‘कमल’ चुनाव चिन्ह पर काला टेप लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की गई थी। सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई वीडियो वायरल हुए थे, जिसमें मतदाताओं ने चुनाव चिन्ह साफ न दिखने की शिकायत की थी। चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) का उपयोग करते हुए तत्काल इन बूथों पर री-पोलिंग का आदेश दिया।
4 मई को आएगा महा-रिजल्ट: किसकी बनेगी सरकार?
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया अब लगभग पूरी हो चुकी है।
-
पहला चरण: 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग हुई थी।
-
दूसरा चरण: 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान हुआ।
अब सबकी नजरें 4 मई 2026 पर टिकी हैं, जब मतगणना होगी और यह साफ होगा कि बंगाल की जनता ने सत्ता की चाबी ममता बनर्जी की TMC को दी है या सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली BJP को। हालांकि, फाल्टा सीट का परिणाम विशेष परिस्थितियों के कारण 24 मई को आने की उम्मीद है।
चुस्त सुरक्षा और वेबकास्टिंग से निगरानी
पुनर्मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने अतिरिक्त काउंटिंग और पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए थे। बूथों के अंदर की गतिविधियों की लाइव वेबकास्टिंग की गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने भी अपने-अपने स्तर पर एजेंट्स को अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे।














