
जयपुर। राजस्थान नगर निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जबरदस्त दबदबा बनाते हुए शानदार जीत दर्ज की है। पार्टी को विशेष रूप से राज्य के छोटे कस्बों और आदिवासी बेल्ट में बड़ी सफलता हासिल हुई है, जबकि किसान बहुल इलाकों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपना राजनीतिक वजूद साबित करते हुए कड़ी टक्कर दी है।

10 नगर निगमों का गणित: 5 पर बीजेपी का कब्जा, 4 में फंसा पेंच
प्रदेश के 10 प्रमुख नगर निगमों में मुकाबला काफी दिलचस्प और रोमांचक रहा। कुल 10 नगर निगमों में से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 5 पर स्पष्ट जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस केवल 1 नगर निगम ही अपने नाम कर सकी। वहीं 4 नगर निगमों में त्रिशंकु (हंग) की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां निर्दलीय निर्णायक भूमिका में आ गए हैं।
10 नगर निगमों में सीटों का पूरा ब्योरा:
| नगर निगम | बीजेपी | कांग्रेस | अन्य / निर्दलीय |
| अजमेर | 32 | 37 | 11 |
| अलवर | 28 | 23 | 14 |
| उदयपुर | 53 | 23 | 4 |
| कोटा | 55 | 35 | 4 |
| जयपुर | 78 | 50 | 15 |
| जोधपुर | 44 | 44 | 11 |
| पाली | 21 | 29 | 15 |
| बीकानेर | 27 | 42 | 11 |
| भरतपुर | 20 | 7 | 38 |
| भीलवाड़ा | 45 | 10 | 15 |
नगर पालिका और नगर परिषद के नतीजे
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नगरपालिका (कुल 252): बीजेपी- 144, कांग्रेस- 92, निर्दलीय- 16
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नगर परिषद (कुल 47): बीजेपी- 21, कांग्रेस- 17, निर्दलीय- 9
समग्र आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे प्रदेश में बीजेपी उम्मीदवारों ने 4,000 से अधिक वार्डों में विजय पताका फहराया है। वहीं कांग्रेस को 3,450 से ज्यादा वार्डों में सफलता मिली, जबकि 2,400 से अधिक वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है।
बीजेपी की जीत के कारण और बड़े झटके
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश की भजनलाल सरकार द्वारा युवाओं को नौकरियां देने के वादों पर काम करने और पेपरलीक पर कड़ा अंकुश लगाने के फैसलों से भाजपा को यह बड़ी कामयाबी मिली है। हालांकि, बड़े शहरों में यूजीसी के विरोध का असर पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ा।
दूसरी तरफ, पार्टी को दिग्गज नेताओं के गढ़ में झटके भी लगे हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के संसदीय क्षेत्र बीकानेर में बीजेपी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले झालावाड़ में भी पार्टी को शिकस्त झेलनी पड़ी है।
कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन की वजहें
चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा। पार्टी नेतृत्व ने बीजेपी के खिलाफ बने शुरुआती माहौल पर अत्यधिक भरोसा कर लिया और जमीनी स्तर पर पूरी सक्रियता नहीं दिखाई। इसके अलावा, संगठन के भीतर आपसी गुटबाजी, नीट पेपरलीक व युवाओं से जुड़े अहम मुद्दों पर चुप्पी साधने का खामियाजा कांग्रेस को उठाना पड़ा।
अजीबो-गरीब वाकया: प्रत्याशी को मिला महज 1 वोट, खुद का वोट भी नहीं था!
डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर नगर पालिका चुनाव का एक अजीबोगरीब नतीजा चर्चा का विषय बन गया है। यहां अलग-अलग वार्डों में बीजेपी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशियों को केवल एक-एक वोट हासिल हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि जिस वार्ड से भाजपा प्रत्याशी कैलाश चंद्र चुनाव मैदान में उतरे थे, वहां की वोटर लिस्ट में उनका खुद का वोट भी दर्ज नहीं था।


सीएम भजनलाल ने जताया जनता का आभार, योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई
निकाय चुनाव के नतीजों पर खुशी जताते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक जीत करार देते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत और जनता के भरोसे से ही यह सफलता संभव हो सकी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर बधाई देते हुए लिखा कि राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में बीजेपी की शानदार विजय पर सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई व राजस्थान की जनता का आभार। उन्होंने आगे लिखा कि यह ऐतिहासिक जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकास, सुशासन एवं जनसेवा की नीतियों पर जनता की मोहर है।















