माँ के लिए ब्रेस्ट फीडिंग क्यों जरूरी है, आप भी जानिए इसके फायदे

जब महिलायें गर्भवती होती हैं तो उन्हें कुछ ऐसे महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में पहले से हो । ताकि बच्चा होने के बाद पहले से तैयार रहें हर चरणों से गुजरने के लिए जिससे शिशु एवं माँ दोनों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे आइये जानते हैं यहाँ कुछ ऐसे महत्वपूर्ण पहलू को जिससे बच्चे के केयर के लिए पहले से जानकारी रहे –

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 1 -सेव मनी :- शिशु के लिए माँ का दूध अमृत होता।  फ्रेस्ट फीडिंग से महिला की अच्छी खासी बचत हो सकता है। इससे शिशु को भी माँ का दूध पीने को मिलेगा साथ -साथ अच्छा पोषण भी होगा। शिशु के लिए बाहर से मिल्क पाउडर आदि खरीदने से फुरसत मिल जायेगा।

2 -बच्चे के लिए :- ब्रेस्ट फीडिंग से माँ को शिशु के साथ कुछ ऐसा स्पेशल टाइम बिताने को मिलता है जिसमें न ही सोशल मिडिया ,या अन्य कोई डिस्टर्ब कर सकता माँ शिशु के साथ आराम से ब्रेस्ट फीड करा कर खुद को एवं नन्हें -मुन्ने को अच्छा फील करा सकती हैं।

3 -वजन कम करना :- ब्रेस्ट फीडिंग से महिला को बहुत ही लाभ होता है। जैसे – प्रेगनेंसी  में वजन बढ़ने के बाद ,डिलीवरी होने के बाद महिला का वजन अधिक हो जाता है लेकिन जब वो शिशु को ब्रेस्ट फीड कराती हैं तो आसानी से बढ़ा हुआ वजन सामान्य हो सकेगा।

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4 -बाहर जाना :- ब्रेस्ट फीडिंग कराने से महिला का खान -पान का विशेष ध्यान रखना होता है ,हाँ ये डर ;लगा रहता है कि अच्छी एवं हेल्थी डाइट से महिला का वजन भी बढ़ सकता है जिसके के लिए बाहर मॉर्निंग वॉक या जॉगिंग करना पड़ सकता है लेकिन शिशु को यदि ब्रेस्ट फीड कराया जाये तो महिला को ऐसी कोई दिक्क्त नहीं होती।

5 -शान्ति का माहौल :- ब्रेस्ट फीडिंग कराने से महिला को बहुत सारे आराम एवं फायदे होते होते हैं जैसे -बच्चे को ब्रेस्ट फीड कराने के महिला को अच्छी नींद में सोना। इससे महिला को बहुत अच्छा महसूस होता है। इससे शिशु को प्योर मिल्क भी मिलता है।

6 -सोते समय :- शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग कराने का सबसे अच्छा निर्णय यह है कि उसे लेट कर ब्रेस्ट फीड करायें। जिससे महिला को न किसी अन्य चीजों की जरूरत होती है जैसे -ब्रेस्ट फीडिंग ,कवर ,ब्रेस्ट फीडिंग पिलो ,ब्रेस्ट फीडिंग रूम आदि। इससे शिशु को ब्रेस्ट फीड कराते -कराते अच्छी नींद आने लगती है साथ ही माँ को भी कुछ समय शिशु के साथ सोने को मिलता है।

7 – फायदे :- शिशु को ब्रेस्ट फीड कराने से महिला को बाहर जाने के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी होगी जैसे दूध की बोतल ,स्टेरिलिज किया हुआ बोतल आदि जिसे डायपर बैग की रखने  झंझट न हो। शिशु को जहाँ कहीं भूंख लगे महिला आसानी से बिना किसी टेंशन के ब्रेस्ट फीड करा सकती हैं।

8 -सही जगह :- शिशु को ब्रेस्ट फीड कराने के लिए महिला को ब्लैंकेट की जरूरत पड़ती है। यदि वो अपने किसी रिश्तेदार के यहाँ है या दोस्त के घर में तो थोड़ी देर के लिए किसी दूसरे रूम में आराम से शिशु को ब्रेस्ट फीड करा खुद और बच्चे को अच्छा महसूस करा सकती हैं।

9 – पू फ्रेंडली :- ब्रेस्ट फीड करने से कोई गंध नहीं आता है। इससे शिशु पोषक तत्व मिलता है। हर माँ को चाहिए कि वो नवजात शिशु को ब्रेस्ट फीड अवश्य कराये बिना किसी बात की चिंता किये हुए।

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