BRICS Summit 2026: ‘ईरान घुटने नहीं टेकेगा, अमेरिका और इजराइल के आगे झुकने का सवाल ही नहीं’, नई दिल्ली से बोले राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान

भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे पेजेश्कियान ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल का दबाव बेअसर रहेगा और तेहरान किसी भी कीमत पर घुटने नहीं टेकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों देश ईरानी सेना का सीधा मुकाबला करने में नाकाम रहने के बाद अब आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे, खाद्य आपूर्ति और रोजगार के साधनों को निशाना बना रहे हैं।

‘अगर अमेरिकी योद्धा हैं, तो हमारी सेना का सामना करें’— पेजेश्कियान का सीधा हमला

पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया बातचीत के दौरान कहा, “अगर अमेरिकी सच में योद्धा हैं, तो उन्हें हमारी बहादुर सेना का सामना मैदान में करना चाहिए। आम जनता के बुनियादी ढांचे, भोजन, पानी और रोजगार पर युद्ध क्यों थोपा जा रहा है?” उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वे खुद को इंसान कहते हैं, तो आम नागरिकों तक भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचने से क्यों रोक रहे हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि डरा-धमकाकर ईरानी लोगों के हौसले को नहीं तोड़ा जा सकता।

परमाणु कार्यक्रम के आरोपों को खारिज किया, NPT के तहत जांच के लिए तैयार

वाशिंगटन और तेल अवीव द्वारा तेहरान पर लगाए गए परमाणु हथियार बनाने के आरोपों को पेजेश्कियान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल सैन्य कार्रवाई का बहाना ढूंढने के लिए मनगढ़ंत दावे कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ईरान ‘न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी’ (NPT) का सदस्य है और उसकी तमाम परमाणु गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय नियमों और निगरानी के दायरे में रही हैं। ईरान NPT के सिद्धांतों के भीतर रहकर वार्ता करने को तैयार है।

डोनाल्ड ट्रंप से सीधी बातचीत की संभावना खारिज, कहा— ‘भरोसे की भारी कमी’

पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किसी भी सीधी बातचीत की तत्कालिक संभावना को स्पष्ट रूप से टाल दिया। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के दौरान ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के बाद दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी खाई पैदा हो चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि किस आधार पर उनके शीर्ष नेता को निशाना बनाया गया? ऐसे में बिना किसी पूर्व शर्त के अचानक वार्ता की मेज पर लौटना ईरानी समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है।

प्रतिबंध हटाने और हमले रोकने की शर्त, इजराइल के परमाणु कार्यक्रम पर उठाए सवाल

ईरानी राष्ट्रपति ने पूर्व में हुए समझौतों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका ने पहले भी सहमति ज्ञापित करने के बावजूद समझौतों को एकतरफा तोड़ दिया था। उन्होंने मांग की कि अमेरिका पहले ईरान पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध हटाए और सैन्य हमले तुरंत बंद करे। इसके साथ ही, पेजेश्कियान ने दोहराया कि NPT का हिस्सा न होने के बावजूद इजराइल के परमाणु हथियारों की कोई अंतरराष्ट्रीय जांच क्यों नहीं होती? उन्होंने आरोप लगाया कि फिलिस्तीनियों का समर्थन करने के कारण ही ईरान को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha