CJP March: दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक से किया इनकार, CJI सूर्यकांत ने कहा- कानून-व्यवस्था बनाए रखें अधिकारी

नई दिल्ली: दिल्ली में 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रस्तावित मार्च को रोकने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। याचिका में मांग की गई थी कि 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS समिट के बाद तक मार्च पर रोक लगाई जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई ठोस वजह सामने नहीं है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि मार्च के दौरान कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी पक्ष शांतिपूर्ण, जिम्मेदार और कानून के मुताबिक व्यवहार करें।

याचिकाकर्ता ने जताई अप्रिय स्थिति की आशंका

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एक बार फिर आशंका जताई गई कि प्रस्तावित मार्च के दौरान अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।

हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल दखल देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी बात केंद्र सरकार के सामने रखने को कहा। साथ ही याचिका की कॉपी सॉलिसिटर जनरल को देने का निर्देश दिया गया।

कोर्ट ने कहा कि इस याचिका को 10 सितंबर को मुख्य मामले के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। यह याचिका एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की ओर से दायर की गई थी। उनकी ओर से वकील सैयद रिजवान पेश हुए।

BRICS समिट तक मार्च रोकने की थी मांग

याचिका में दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित CJP मार्च पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि 12 और 13 सितंबर को BRICS समिट प्रस्तावित है, इसलिए समिट के बाद तक मार्च को रोकना उचित होगा।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि अभी ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि मार्च के कारण कोई अप्रिय घटना होगी।

क्यों मार्च करेगी CJP?

अभिजीत दीपके की पार्टी CJP ने केंद्र सरकार पर किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने 24 अगस्त को कहा था कि वह 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों को पूरा नहीं करने की कड़ी निंदा करती है।

पार्टी के मुताबिक, इनमें खास तौर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने से जुड़े वादे शामिल हैं। CJP का आरोप है कि सरकार की ओर से आश्वासनों को पूरा करने में लगातार देरी और टालमटोल की जा रही है।

पार्टी ने कहा कि सरकार की ओर से आश्वासनों पर कार्रवाई नहीं होने के चलते CJP की राष्ट्रीय कार्य समिति ने शांतिपूर्ण तरीके से लोगों को एकजुट करने का अभियान दोबारा शुरू करने का फैसला किया है।

इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च का ऐलान

CJP ने घोषणा की है कि 5 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक युवाओं का शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा।

पार्टी की ओर से इसे युवाओं को एकजुट करने वाला शांतिपूर्ण अभियान बताया गया है। वहीं, मार्च को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई है। अब मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को मुख्य मामले के साथ होगी।

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