सीएम ने बीटीसी प्रशिक्षुओं को जल्‍द परीक्षा का  दिया आश्‍वासन

गोपाल त्रिपाठी 
गोरखपुर। बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने से पहले कौशाम्बी में प्रश्नपत्रों के लीक हो जाने के मामले में 72 हजार प्रशिक्षुओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बीटीसी की निरस्त परीक्षा शीघ कराई जाएगी।
 
डायट के प्राचार्य जयप्रकाश के नेतृत्व में गुरुवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने गोरखनाथ मंदिर में प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बीटीसी प्रशिक्षु 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की निरस्त परीक्षा शीघ्र कराने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल में शामिल निलेश कुमार पाल, विशांत श्रीवास्तव, कन्हैया, अरुणिमा यादव और नेहा सिंह की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि निरस्त परीक्षाएं शीघ्र सम्पन्न कराई जाएंगी।
आंदोलित छात्राओं पर पुलिस ने किया था वाटर कैनन का इस्तेमाल
बुधवार को मुख्यमंत्री के गोरखनाथ मंदिर आने की सूचना पाकर बीटीसी के प्रशिक्षुओं ने निरस्त परीक्षा तत्काल कराए जाने और नवंबर में होने वाली प्रस्तावित टीईटी परीक्षा की तिथि को एक महीने बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलित थे। मंदिर जाने की जिद पर अड़े छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। छात्राओं पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। छात्राओं की जिद को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके प्रतिनिधिमंडल को सीएम से मिलवाने का आश्वासन दिया था।
इसलिए जरूरी है परीक्षा जल्द होना
बीटीसी की परीक्षा निरस्त होने से 72 हजार से अधिक बीटीसी प्रशिक्षुओं का भविष्य अधर में है। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा टलने के कारण सभी प्रशिक्षु दिसम्बर में प्रस्तावित 95 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से बाहर हो जाएंगे। ये प्रशिक्षु अपीयरिंग के आधार पर 4 नवम्बर को प्रस्तावित टीईटी 2018 में तो शामिल हो जाएंगे लेकिन शिक्षक भर्ती की परीक्षा नहीं दे सकेंगे।
बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर पूरा होना अनिवार्य है। इतने कम समय में चतुर्थ सेमेस्टर का परिणाम आना संभव नहीं। 8 से 10 अक्तूबर तक प्रस्तावित परीक्षा के लिए 72688 प्रशिक्षुओं को प्रवेश पत्र जारी हुआ था। लेकिन परीक्षा के पहले ही रात में तीन दिनों में होने वाले सातों विषयों के पेपर कौशाम्बी में व्हाट्सएप पर वायरल हो गया।
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