जंतर-मंतर पैलेट विवाद में आमने-सामने कांग्रेस-BJP: राहुल ने मांगी FIR, रविशंकर ने सुप्रीम कोर्ट की जांच गिनाई

Ravi Shankar Prasad made serious allegations against Rahul Gandhi: रवि शंकर प्रसाद बोले अपने चीनी संपर्कों से जानकारी लें राहुल गांधी

नई दिल्ली : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र साहिल लोचब को पैलेट गन से घायल किए जाने के आरोप को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल के साथ संसद मार्ग स्थित DCP कार्यालय पहुंचे और मामले में FIR दर्ज करने की मांग की। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर मामला बताया। वहीं, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के कदम पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाई-पावर्ड कमेटी की जांच का हवाला दिया।

राहुल गांधी ने FIR की मांग की

राहुल गांधी ने साहिल लोचब के साथ DCP कार्यालय पहुंचकर कहा कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि साहिल के शरीर में 200 से अधिक पैलेट फंसे हैं, जिनमें तीन आंख में हैं। राहुल ने लेडी हार्डिंग अस्पताल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साहिल की एक आंख की रोशनी चली गई है।

राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मांग सिर्फ FIR और DDR दर्ज करने तथा जांच अधिकारी का नाम सार्वजनिक करने की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

रविशंकर प्रसाद ने जांच का दिया हवाला

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच के दायरे में है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक हाई-पावर्ड कमेटी गठित की है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज कर रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, कमेटी में न्यायिक अधिकारियों के अलावा सीबीआई के पूर्व निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पैलेट गन चली थी या नहीं, यह जांच का विषय है और इसका निष्कर्ष कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सामने आएगा।

‘कानून के शासन का सम्मान होना चाहिए’

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि जब मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाई है तो राजनीतिक प्रदर्शन का क्या औचित्य है। उन्होंने राहुल गांधी पर कानून के शासन का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।

फिलहाल साहिल लोचब को घायल किए जाने के आरोप और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। मामले में पुलिस कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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