World War 3 की आहट? ईरान का अमेरिका-इजराइल को अल्टीमेटम- ‘दोबारा शुरू हो सकती है महाजंग’

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में बारूद की गंध एक बार फिर तेज हो गई है। ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने अमेरिका और इजराइल को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि क्षेत्र में सैन्य संघर्ष कभी भी दोबारा भड़क सकता है। तेहरान ने वॉशिंगटन पर भरोसा तोड़ने और अंतरराष्ट्रीय समझौतों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान के सैन्य मुख्यालय के डिप्टी मोहम्मद जाफर असादी के इस तीखे बयान ने वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है।

अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप: ‘दिखावे की कूटनीति कर रहा वॉशिंगटन’

ईरान की आधिकारिक ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ के मुताबिक, सैन्य कमांडर मोहम्मद जाफर असादी ने कहा कि अमेरिका के हालिया कदम और बयानबाजी यह साफ कर रहे हैं कि वह कूटनीतिक समाधान को लेकर कतई गंभीर नहीं है। असादी ने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका का रुख केवल मीडिया को प्रभावित करने और कच्चे तेल की कीमतों को गिरने से बचाने के लिए है। ईरान का मानना है कि अमेरिका जमीनी हकीकत बदलने के बजाय केवल अपनी छवि चमकाने में जुटा है, जबकि वह समझौतों को निभाने में पूरी तरह विफल रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया प्रस्ताव, पाकिस्तान के जरिए हुई थी पहल

तनाव की आग में घी डालने का काम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले ने किया, जिसमें उन्होंने ईरान के नए वार्ता प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स और ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से बातचीत की मेज पर आने का एक प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, ट्रंप ने दो-टूक शब्दों में कहा कि वे इस प्रस्ताव से ‘संतुष्ट’ नहीं हैं। ट्रंप के इस सख्त रवैये के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के दरवाजे लगभग बंद होते नजर आ रहे हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में घेराबंदी: ग्लोबल तेल सप्लाई पर संकट

समुद्री व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण रास्ते ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर भी तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। अमेरिका ने कहा है कि यदि किसी भी कंपनी ने सुरक्षित रास्ते के बदले ईरान को गुप्त भुगतान किया, तो उस पर भारी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। गौरतलब है कि दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी संकरे रास्ते से गुजरती है। ईरान द्वारा जहाजों से ‘सुरक्षा शुल्क’ वसूलने की खबरों ने इस समुद्री मार्ग को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।

ईरानी सेना हाई अलर्ट पर: ‘नई हरकत’ की तो मिलेगा करारा जवाब

सैन्य कमांडर असादी ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं ‘हाई अलर्ट’ मोड पर हैं। उन्होंने अमेरिका को आगाह किया है कि वह किसी भी ‘नई सैन्य कार्रवाई’ या दुस्साहस से परहेज करे, अन्यथा ईरान उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान ने दावा किया है कि वह अपनी समुद्री सीमा के पास पूरी तरह से मुस्तैद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव आगे बढ़ता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति ठप हो सकती है, जिसका असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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