
भास्कर ब्यूरो
हापुड़। जनपद के धौलाना में शनिवार को पटाखा फैक्टरी में भीषण धमाका हो गया। जिसमें 12 कामगारों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 21 से अधिक घायल हैं। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया है। मौके पर जिला स्तर के अधिकारियों ने पंहुचकर घटना की जानकारी ली है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रुही पटाखा फैक्टरी में दोपहर तीन बजे हादसा हुआ। फिलहाल घायलों और शवों को फैक्टरी से बाहर निकाला गया है।
शुरूआती जांच में पता चला है कि धमाका पटाखा के मिश्रण में हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख प्रकट किया है। उनके दफ्तर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ‘सीएम योगी ने जनपद हापुड़ स्थित एक फैक्टरी में ब्वॉयलर फटने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री जी ने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।’
आईजी प्रवीण कुमार बोले- ‘हादसे के जिम्मेदार के खिलाफ होगी कार्रवाई’।
हापुड़ आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं। इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
हापुड़ की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि यहां इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन इसकी जांच होनी चाहिए कि वास्तव में यहां हो क्या रहा था? एक समिति का गठन किया जाएगा। फोरेंसिक टीम यह पता लगा रही है कि कौन-सा रसायन प्राप्त किया गया है।
हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी हापुड़ के धौलाना स्थित फैक्टरी में हुए हादसे पर दुख प्रकट किया है। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “राज्य सरकार सक्रिय रूप से घायलों के इलाज और हर संभव मदद में शामिल है।”
बता दें कि पांच सौ वर्ग मीटर की फैक्टरी परिसर में टिन शेड के नीचे अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम पिछले तीन महीने से चल रहा था। काम कितनी गोपनीयता के साथ किया जा रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पड़ोस के फैक्टरी संचालकों को इसकी भनक तक नहीं थी। जबकि यहां बड़े स्तर पर खिलौना बंदूक में काम आने वाली स्काई शॉट बनाने का काम हो रहा था। आग से बचाव के लिए यहां न तो आधुनिक उपकरण थे और न ही किसी प्रकार के संसाधन मौजूद थे। पड़ोस में काम करने वाले फैक्टरी संचालकों ने बताया कि फैक्टरी में करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने का काम होता था। मेरठ निवासी दिलशाद खान की रूही इंडस्ट्रीज के नाम से फर्म है और इसी नाम से रजिस्टर्ड है।
पिछले काफी समय से काम बंद था और करीब तीन माह पहले ही इस फैक्टरी को हापुड़ निवासी वसीम को किराए पर दिया गया था। फैक्टरी में एक हॉल और छोटे कमरे के अलावा पूरे परिसर में बड़े टिन शेड के नीचे काम चल रहा था।
विस्फोट के बाद यह टिन शेड जमींदोज हो गया। फैक्टरी परिसर में कोई आग बुझाने का सिलिंडर तक नहीं था। अंदाजा लगाया जा रहा था। यहां केवल खिलौना बंदूक की गोली में बारूद भरने का काम किया जाता था, जो पूरी तरह हाथ से किया जाता था। जिसके कारण यह हादसा हुआ।
आईजी प्रवीन कुमार ने बताया कि इस बंद फैक्टरी में पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इसके पीछे एक बिजली का ट्रांसफार्मर भी था। हो सकता है कि उसमें आग के बाद यहां आग लगी हो, हालांकि आग का कारण स्पष्ट नहीं है। बता दें कि हादसे में दस लोगों की मौत, 21 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई लोगों की हालत गंभीर है। 9 लोगो की शिनाख्त हो चुकी है तथा बाकी की शिनाख्त के प्रयास किये जा रहे हैं।













