
भास्कर ब्यूरो
जोनिहा/फतेहपुर । किसान खेतों में फसल तैयार करने के लिए महीनों दिन-रात मेहनत करता है और पकने के बाद एक झटके में जलकर खाक हो जाती है। गर्मी के इन दिनों प्रतिदिन हज़ारो बीघा गेंहू के पके खेत शॉर्ट सर्किट या अज्ञात कारणों से आग की घटनाएं सामने आ रही है। और ऐसी घटनाओं से फ़तेहपुर के किसानों के अरमानों में पानी फिर रहा है।
रो रोकर किसानों ने बताया दर्द, कहा साल भर क्या खाएंगे
शनिवार को खजुहा विकास खण्ड के जोनिहा कस्बे के ताल से लगी आग ने कोरवां टिकरी गांव तक के खेतों में जमकर तांडव मचाया जिसमे लगभग 100 बीघे से ऊपर फसल जल कर राख हो गयी। सूचना पाकर मौके पर पहुँची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने लगभग दो घंटे मे बाद आग पर काबू पाया। आग पर काबू पाने के लिए प्रयास करते समय एक किसान का फोन भी जल गया।
संदिग्ध परिस्थितियों में गेहूं की खड़ी फसल में लगी भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया जिसमें लगभग सौ बीघा गेंहूँ की फसल जलकर राख हो गई। हालांकि आग लगने का कारण स्पष्ट नही हुआ है। आग लगने की सूचना पर देर से पहुचीं फायर ब्रिगेड के जवान व ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास में जुटे रहें। खड़ी फसल में आग लगने की सूचना पर एसडीएम अवधेश निगम व बिंदकी विधायक जय कुमार जैकी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। राजस्व टीम ने मौके पर पहुँचकर नुकसान का मुआयना किया।
इन किसानों की फसल जलकर हुई खाक
रोशन सोनकर 8 बीघा, राम भवन 5 बीघा, लक्ष्मीकांत 2 बीघा, रामराज 5 बीघा, रामकली एक बीघा, लक्ष्मण 2 बीघा, बदलू 4 बीघा, महेश 5 बीघा, राकेश गुप्ता 4 बीघा, कल्लू 3 बीघा समेत दो दर्जन किसानों की गेंहू की फसल को आग के प्रकोप ने तबाह कर दिया।
जहानाबाद में आग ने मचाया कोहराम
जहानाबाद में चना व धनिया के भूसे में लगाई गई आग ने प्रचंड रूप धारण कर 5 बीघे से अधिक गेहूं की पकी पकाई फसल राख में तब्दील कर दी। बिंदकी तहसील के गांव खैराबाद के मजरे फैजाबाद के समीप मंगलपुर टकौली निवासी सुरेंद्र सचान ने अपने खेत में पड़े धनिया एवं चने के भूसे को जलाने के लिए आग लगाई थी धीरे धीरे हवा में आग की चिंगारी उड़कर फैजाबाद निवासी राजन के खेत में पहुंच गई और गेहूं की पकी फसल 3 बीघा जलकर राख हो गई ।
जब तक ग्रामीण निजी नलकूप से पानी लेकर आग पर काबू पाते तब तक आग ने प्रचंड रूप धारण कर लिया और उसकी चपेट में आकर फैजाबाद के ही शिव शंकर की डेढ़ बीघा, रामखेलावन की दस बिस्वा, रामअवतार की 10 बिस्वा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।














