बिहार में बाढ़ का तांडव: नेपाल में भारी बारिश से 15 जिले जलमग्न, 50 लाख आबादी प्रभावित; गंगा-कोसी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

पटना।   बिहार में कुदरत का कहर जारी है और राज्य में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर बिहार की तमाम नदियां उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। आपदा प्रबंधन के अनुसार, 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में कुल 49.36 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

गंगा और कोसी उफान पर, सुल्तानगंज में खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर बह रही गंगा

राज्य और पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर माह में अब तक 112.7 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत अधिक है।

उफान पर बह रही प्रमुख नदियां:

  • कोसी नदी: बलतारा और कुरसेला में खतरे के निशान से ऊपर

  • बूढ़ी गंडक: खगड़िया में लाल निशान पार

  • गंगा नदी: दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में उफान पर (भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर यानी 36.19 मीटर पर बह रही है)

  • अन्य नदियां: पुनपुन (श्रीपालपुर), बागमती (बेनीबाद) और घाघरा (दरौली) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित 15 जिले:

पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया। इनमें से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया की स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक बनी हुई है।

राहत और बचाव कार्य: 1,260 सामुदायिक रसोई शुरू, NDRF-SDRF तैनात

बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं:

  • सामुदायिक रसोई: प्रभावित इलाकों में कुल 1,260 सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) का संचालन किया जा रहा है।

  • राहत शिविर: 13 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें करीब 11,060 लोगों के रहने, भोजन, चिकित्सा और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है।

  • बचाव दल: स्थिति पर नजर रखने और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की 10 और एसडीआरएफ (SDRF) की 27 टीमों को विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है।

बराजों से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा

आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 1.09 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं वीरपुर कोसी बराज से 1,63,315 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। हालांकि, यह इस साल 20 जुलाई को दर्ज किए गए अधिकतम 2,55,425 क्यूसेक के आंकड़े से काफी कम है, लेकिन प्रशासन जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

तेजस्वी यादव ने केंद्र पर लगाया मदद में भेदभाव का आरोप

इस बीच, बिहार में जारी भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच सियासत भी गरमा गई है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बाढ़ राहत के मामले में बिहार के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा कि बाढ़ से राज्य में 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गुजरात को राहत पैकेज देने में तत्परता दिखाती है, जबकि बिहार के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha