गहलोत का बयान ‘जब मैं MP बना तो सचिन पायलट 3 साल के थे, उनके खिलाफ नहीं हूं ये राहुल जानते हैं’

राजस्‍थान में मा सियासी घमासान अभी जारी है, सचिन पायलट को बर्खास्‍त कर दिया गया है और अब वो अपने अगले कदम पर विचार कर रहे हैं । इस बीच अशोक गहलोत ने एक इंटरव्‍यू में कई अहम बातें कहीं हैं । सचिन पायलट को सरकार से किनारे लगाने के आरोप उन पर हैं, कहा जा रहा है कि इस षड्यंत्र के पीछे वो और उनके साथी हैं । एक इंटरव्‍यू में अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को लेकर अपने मन की बातें कहीं, बताया कि हालात कब से बिगड़ रहे थे, और क्‍यों हालात ऐसे हो गए ।

सरकार बनने के बाद से जारी षड्यंत्र

मीडिया को दिए इंटरव्‍यू में गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट जो अब कर रहे हैं ये नई बात नहीं है । जब से सरकार बनी तभी से षड्यंत्र शुरू हो गया था । डेढ़ साल से हमारे और सचिन के बीच कभी बात ही नहीं हुई, टॉकिंग टर्म ही नहीं है । एक मंत्री, मुख्यमंत्री से बात ही नहीं करे, शिला न करे तो क्या है? लोकतंत्र में बात तो आवश्यक है । उन्होंने कहा कि डेढ़ साल से जो खबरें आती रहीं उस पर किताब लिख दो । आज सचिन को SOG ने नोटिस दिया तो ये बेचारे बन गए । अशोक गहलोत ने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि तब कहा गया बेचारे सचिन को नोटिस दे दिया, हल्ला मचाया, जब SOG ने सरकार गिराने के लिए बीजेपी की जांच शुरू की तो जवाब सचिन दे रहे हैं । कोई बताए गुरुग्राम में मेहमाननवाजी किसकी हो रही है? कौन लोग आज वकील हैं उनके? राज्यसभा चुनाव में भी विधायकों को बाड़ेबंदी करनी पड़ी, ये नौबत क्यों आई? मुझे सरकार बचानी थी उस दिन ।

राज्‍यसभा चुनाव के दौरान खरीद – फरोख्‍त
गहलोत ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के वक़्त भी खरीद फ़रोख़्त हो रही थी, आज भी हो रही है, मेरे पास उसका सबूत है । गहलोत ने कहा कि सचिन द्वारा विधायक खरीद फरोख्त पर जो कहा गया उस पर कायम हूं । उन्‍होने कहा कि घर का झगड़ा घर में निपटाना चाहिए था, घर के झगड़े में दुश्मन के साथ मिलकर राजनीति करेंगे, खेल करेंगे तो क्या बचेगा? इंटरव्‍यू में सीएम ने कहा कि महत्वाकांक्षी होना बुरा नहीं है, लेकिन अतिमहत्वाकांक्षी होकर फ़ाउल खेलना ठीक नहीं है ।

‘मैं सचिन के खिलाफ नहीं, ये राहुल गांधी जानते हैं’
गहलोत ने कहा कि मैं सचिन के खिलाफ नहीं, ये राहुल गांधी जानते हैं । अगर सचिन पार्टी में वापस आते हैं तो मैं सबसे पहले उनको प्यार से गले लगा लूंगा । गहलोत ने इमोशनल नोट छेड़ते हुए कहा कि जब मैं पहली बार एमपी बना था तब सचिन सिर्फ 3 साल के थे । मेरा उनके प्रति और उनके परिवार के प्रति स्नेह हैं । गहलोत ने कहा कि – मैं 50 साल से देख रहा हूं, ये लोग कांग्रेस मुक्त नहीं कर पाए । चोहेसिंधिया जी हो या पायलट जी हों सब देखिये किस उम्र में सांसद बन गए, मंत्री बन गए । अशोक गहलोत ने कहा कि हम सबकी ज़िम्मेदारी है देश को चलाने की, भारतीय जनता पार्टी को ये तोड़ फोड़ बंद कर देनी चाहिए । पूरे देश-दुनिया में थू-थू हो रही है ।

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