कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: कोर्ट में चेहरा छुपाती दिखी आरोपी बहू, 309 कॉल और डिलीट चैट्स खोलेगी साजिश का राज

कानपुर। शहर के नामचीन करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई मृतक की बहू शालू को बुधवार को रिमांड की प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया गया। कोर्ट परिसर में पहुंचते ही शालू ने दुपट्टे से अपना चेहरा ढक लिया और कैमरों से बचती नजर आई।

रोने का नाटक से लेकर हत्या की साजिश तक

वारदात के शुरुआती दिनों में आरोपी बहू परिवार के सामने बिलख-बिलख कर रोती दिखी थी, जिससे किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली परतें उधड़ती चली गईं। पुलिस की गिरफ्त में आए कारोबारी के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर ने कड़ी पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने बहू शालू के कहने पर ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।

309 कॉल और डिलीट चैट्स बनीं सबसे बड़ी कड़ी

जांच टीम के अनुसार, शालू और मुख्य आरोपी विशाल के बीच 1 मई से लेकर हत्याकांड वाले दिन तक करीब 309 बार फोन पर बातचीत हुई थी। इतना ही नहीं, दोनों के मोबाइल से कई संदिग्ध मैसेजेस भी डिलीट किए गए हैं। पुलिस अब साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से इन डिलीट चैट्स को रिकवर करने की कोशिश में जुटी है, ताकि हत्या की पूरी पटकथा और प्लानिंग का डिजिटल प्रमाण अदालत के समक्ष पेश किया जा सके।

पति की भूमिका पर भी पुलिस की पैनी नजर

पुलिस अब इस पूरे षड्यंत्र में शामिल एक-एक किरदार की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। साजिश की शुरुआत कब हुई और इसमें अन्य किसकी शह थी, इसकी पड़ताल जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में शालू के पति की संदिग्ध भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है।

 

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