हंतावायरस : क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है? जानें भारत में इसका इतिहास और खतरे की गंभीरता

केप वर्डे/लंदन: अटलांटिक महासागर की लहरों पर सैर कर रहा एक डच क्रूज जहाज ‘एमवी होंडियस’ (MV Hondius) इस समय मौत के साये में है। ‘ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स’ कंपनी द्वारा संचालित इस जहाज पर खतरनाक हंतावायरस (Hantavirus) फैल गया है। वायरस की चपेट में आने से अब तक तीन यात्रियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य बीमार हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस संकटग्रस्त जहाज पर चालक दल (Crew) के सदस्यों में दो भारतीय भी शामिल हैं।

अटलांटिक के बीचों-बीच फंसा ‘मौत का जहाज’

फिलहाल यह जहाज अफ्रीका के पास अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के तट पर खड़ा है। जहाज पर कुल 149 लोग सवार हैं, जो 23 अलग-अलग देशों के नागरिक हैं। मरने वालों में एक डच दंपति और एक जर्मन यात्री शामिल है। एक मरीज की हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उसे आपातकालीन स्थिति में जहाज से उतारकर अस्पताल ले जाना पड़ा। बाकी बीमार यात्रियों का इलाज जहाज पर ही डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में किया जा रहा है।

कैसे फैलता है यह जानलेवा वायरस?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हंतावायरस कोई आम संक्रमण नहीं है। यह मुख्य रूप से चूहों और कृंतकों (Rodents) के जरिए फैलता है:

  • हवा के जरिए: संक्रमित चूहों के सूखे मल, मूत्र या लार के कण जब हवा में मिल जाते हैं, तो सांस के जरिए ये फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं।

  • सतह छूने से: दूषित सतहों को छूने के बाद मुंह, नाक या आंखों पर हाथ लगाने से संक्रमण हो सकता है।

  • चूहे के काटने से: हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन संक्रमित चूहे के काटने से भी वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।

भारत पर कितना खतरा? क्या है पुराना इतिहास?

भले ही यह प्रकोप अटलांटिक में है, लेकिन भारत के लिए हंतावायरस नया नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • 1964: भारत में पहला मामला तमिलनाडु के वेल्लोर में आया था, जिसे ‘थोटापलायम वायरस’ नाम दिया गया।

  • 2008: वेल्लोर में ही इरुला जनजाति के 28 लोग संक्रमित पाए गए थे, जो चूहे पकड़ने का काम करते थे।

  • 2016: मुंबई में एक 12 साल के बच्चे की इस वायरस से मौत हो चुकी है।

हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने फिलहाल भारत के लिए किसी बड़े खतरे की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन अलर्ट रहने को कहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘कांटेक्ट ट्रेसिंग’ की चुनौती

WHO और वैश्विक स्वास्थ्य अधिकारी उन 24 यात्रियों की तलाश में जुटे हैं, जो प्रकोप का पता चलने से पहले ही 24 अप्रैल को जहाज से उतर गए थे। ये लोग अब दुनिया के 12 अलग-अलग देशों (जैसे कनाडा, सिंगापुर, जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका आदि) में फैल चुके हैं। हंतावायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते का समय लग सकता है, जो अधिकारियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।

क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है?

राहत की बात यह है कि हंतावायरस आमतौर पर इंसान से इंसान में नहीं फैलता। हालांकि, दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले ‘एंडीज वायरस’ (हंतावायरस का एक प्रकार) के कुछ दुर्लभ मामलों में करीबी संपर्क के जरिए संक्रमण फैलने की पुष्टि हुई है। वर्तमान में अर्जेंटीना के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि वायरस का स्रोत दक्षिण अर्जेंटीना का कोई शहर तो नहीं है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha