ग्रेटर नोएडा में हाहाकार! शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में लगी भीषण आग, 30 दमकल गाड़ियों ने इस तरह पाया काबू, कई दुकानें जलकर खाक

ग्रेटर नोएडा, ब्यूरो। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र स्थित शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में देर रात उस समय चीख-पुकार और हड़कंप मच गया, जब एक दुकान से उठीं आग की गगनचुंबी लपटों ने देखते ही देखते पूरी मार्केट को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर से देखा जा रहा था। हादसे के बाद पूरी मार्केट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है और समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आग की वजह से कई दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया है। प्रारंभिक जांच में इस भयानक हादसे की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है।

प्लास्टिक की दुकान से भड़की चिंगारी, देखते ही देखते खाक हुईं 8 दुकानें

मिली जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत सबसे पहले प्लास्टिक फर्नीचर की एक बड़ी दुकान से हुई थी। दुकान के भीतर भारी मात्रा में मौजूद प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामान की वजह से आग ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया। चूंकि यह एक पूरी तरह से फर्नीचर मार्केट है, इसलिए यहां बड़े पैमाने पर रखी सूखी लकड़ी, प्लाईबोर्ड, प्लास्टिक की कुर्सियां और गद्दे जैसी चीजों ने आग में घी का काम किया। देखते ही देखते इस बेकाबू आग ने आसपास की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) ने बताया कि इस हादसे में कुल 8 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं, लेकिन दमकलकर्मियों की सूझबूझ से आसपास की करीब 15 से 20 दुकानों को आग की चपेट में आने से सुरक्षित बचा लिया गया।

गाजियाबाद से भी बुलानी पड़ीं गाड़ियां, 6 टीमों ने संभाला मोर्चा

मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि फायर कंट्रोल रूम को रात करीब 10:15 बजे शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियों को तुरंत रवाना किया गया। मौके पर पहुंचकर जब अधिकारियों ने आग की भयावहता को देखा, तो तुरंत जिले के अन्य सभी फायर स्टेशनों को अलर्ट किया गया। आग इतनी विकराल थी कि पड़ोसी जिले गाजियाबाद से भी अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को आपातकालीन मदद के लिए बुलाना पड़ा।

आग पर चौतरफा काबू पाने के लिए फायर विभाग की 6 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। मौके पर मौजूद कुल 30 दमकल गाड़ियों और दर्जनों जांबाज दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच मोर्चा संभाला। दमकल विभाग की इस त्वरित कार्रवाई और कड़ी मशक्कत का ही नतीजा था कि महज एक घंटे से भी कम समय के भीतर इतनी भीषण आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।

शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका, नुकसान का आकलन शुरू

फायर ब्रिगेड और पुलिस विभाग की शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि दुकान के भीतर बिजली के तारों में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ होगा। फिलहाल, पुलिस और फायर एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर मौजूद है और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है। इसके साथ ही पीड़ित दुकानदारों को हुए आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन भी किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने व्यापारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने और बाजारों में वायरिंग की नियमित जांच कराने की अपील की है।

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