उप्र में भारत बंद का असर, कई जगहों पर प्रदर्शन, पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच पत्थरबाजी-फायरिंग

 

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के कई जिलों में विभिन्न संगठनों की ओर से भारत बंद का समर्थन करते हुए गुरुवार को सुबह से ही एससी एसटी एक्ट के विरोध में प्रदर्शन किया गया है। सभी संगठनों ने एक्ट के सुधार की मांग करते हुए सवर्णों के हित में नियम को बनाने की बात कही है।
लखनऊ में आलमबाग, महानगर, लखनऊ विश्वविद्यालय मार्ग क्षेत्रों में सुबह से ही सवर्णों ने भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया।

इस दौरान सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के कार्यकर्ताओं ने आलमबाग में सड़क पर आकर केन्द्र सरकार विरोधी नारेबाजी की। भारतीय नागरिक परिषद के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश ने विश्वविद्यालय मार्ग पर काली पट्टी बांधकर मार्च निकाला। ब्राह्मण सभा के कार्यकर्ताओं ने महानगर समेत शहर के अन्य हिस्सों में एक्ट की प्रतीकात्मक प्रतियों को फाड़कर प्रदर्शन किया।

इलाहाबाद में कान्यकुब्ज ब्राह्मण सभा के दिवाकर त्रिपाठी के नेतृत्व में सिविल लाइन इलाके में विरोध प्रदर्शन किया गया। सुबह से ही सभा के कार्यकर्ताओं ने एक स्थान पर इकट्ठे होकर जुलूस की शक्ल में चलना शुरू किया और सरकार विरोधी नारेबाजी की। इसी तरह से गोरखपुर में बेतियाहाता क्षेत्र में क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने एससी /एसटी एक्ट लिखे पोस्टरों को जलाकर प्रदर्शन किया।

वाराणसी में लंका क्षेत्र में भारत बंद का समर्थन कर रहें अखिल हिन्दू ब्राह्मण सभा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एससी /एसटी एक्ट लिखे पोस्टर भी जलाये। फिरोजाबाद जिले के गांधी मैदान से एक्ट के विरोध में रैली निकाली गयी। कानपुर में भारत बंद का समर्थन व्यापार मंडलों ने किया है और अपनी दुकानें स्वयं से बंद कर दी है। शहर के कई हिस्सों में सुबह खुल जाने वाली दुकानें 10 बजे तक नहीं खुली।

कासगंज जिले में सुबह से ही भारत बंद का समर्थन करते हुए सवर्ण संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दुकानों को बंद कराया गया। क्षत्रिय महासभा के प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के दुकानों को बंद कराने के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध भी कर दिया। इसी तरह से अलीगढ़ जिले में दुकानों को बंद कराने के समय ओबीसी समाज के लोगों ने भी भारत बंद का समर्थन किया और अपनी दुकानों को बंद कर दिया।
एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के मुद्दे पर केंद्र सरकार की सहमति पर सवर्णों के संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया। जिसमें गुरुवार को उत्तर प्रदेश में भी एससी एसटी एक्ट के खिलाफ में कई जिलों में प्रदर्शन हुए।
हिन्दुस्थान समाचार/शरद/सुप्रभा/राधा रमण

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