सियासी शतरंज के खेल में , प्रत्याशियो के बीच बढ़ी सरगर्मी

सरोजनीनगर विधानसभा राजनीतिक विरासत बचाने में जुटे 


नामांकन की तारीख नजदीक , शतरंज के खेल में फसी पार्टियां 


सरोजनीनगर । राजधानी लखनऊ की 170 सरोजनीनगर विधानसभा चुनाव में कुल 9 सीटों में राजनीतिक सियासत में सरोजनीनगर क्षेत्र अहम जानी जाती है। जहा पर हर पार्टी में विधानसभा चुनाव को लेकर काफी सियासी सरगर्मी रहती है। शतरंज के खेल में अभी तक कुछ पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की सूची भी घोषित नहीं की । कुछ पार्टी ने तो अपने उम्मीदवारों घोषित कर दिया जिससे चलते सियासत में सरगर्मी बढ़ गयी । वहीं सरोजनीनगर विधानसभा चुनावों को लेकर क्षेत्र में प्रत्याशियों ने विकास की गंगा बहाने लगे । जिसके कारण सरोजनीनगर क्षेत्र में सरगर्मी बनी हुई है । जहां सरोजनीनगर विधानसभा सीट पर , अपनी दावेदारी को लेकर उम्मीदवारों ने पांच साल में हुए विकास की गंगा बहा रहे है । वहीं हालांकि विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की तारीख नजदीक आ रहीं वहीं कुछ दलों ने अभी तक प्रत्याशियों की सूची जारी भी नहीं कर सका ।

सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 5 लाख वोटर है , जहां पर ग्रामीण मतदाताओं का प्रभाव सबसे अधिक रहता है । राजधानी लखनऊ सरोजनीनगर विधानसभा के 9 सीटों पर गिनी जाती है जहां पर जनता ने कई बड़े-बड़े दिग्गजों नेताओं को ऊचाइयों तक पहुचाया । मोदी लहर के चलते बीजेपी ने कमल खिला कर जीत दर्ज की थी, लेकिन इसके पूर्व समाजवादी पार्टी का कब्जा था । हालांकि वहीं 2017 में मोदी लहर के चलते पहली बार भाजपा सरकार की स्वाति सिंह ने अपनी जीत दर्ज कर कमल खिलाया । वहीं इस बार 2022 विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी , समाजवादी पार्टी के धुरंधर भाजपा की सीट पर दावेदारी कर रहें। विधानसभा चुनाव में 9 सीटों पर चुनाव में राजनीतिक सियासत की सरगर्मी देखने को मिल रही, जहां पर विधानसभा सीटों पर जोरदार अपनी दावेदारी कर रहे , राजनीतिक नेताओं ने अपनी विरासत बचाने में जुटे। 


शतरंज के खेल में आसान नहीं भाजपा की जीत 


सरोजनीनगर विधानसभा चुनाव 2017 में समाजवादी पार्टी के अनुराग यादव को उत्तर प्रदेश के भाजपा सरकार में बाल विकास व पोषाहार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभात स्वाति सिंह ने 34179 हजार वोटों से समाजवादी पार्टी को शिकस्त देकर जीत दर्ज की थी ।हालांकि वहीं मायावती के विवाद ने भाजपा के वरिष्ठ नेता दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह ने राजनीतिक विरासत पायी थी । सरगर्मी के शतरंज के खेल में आसान नहीं भाजपा की जीत । 


पांच साल में हुए विकास की गंगा बहा रहे , विकास सिर्फ कागजों पर 


सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के बाल विकास व पोषाहार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभात स्वाति सिंह से सरोजनीनगर क्षेत्र के लोगों ने बड़ी उम्मीदें थीं । लेकिन मंत्री जी अपने वादे पर खरी नहीं उतरी और वहीं क्षेत्र की सड़कें जर्जर है लेकिन विकास सिर्फ कागजों पर सीमट गया । 5 साल हो गए , मंत्री जी के क्षेत्रों में नहीं देखी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है।वही इस बार 2022 में देखना होगा कि क्षेत्र की जनता किस सिर पर ताज सजाएगी ।

1993 से लेकर 2017 तक का इतिहास
● 1993 में समाजवादी पार्टी से श्याम किशोर यादव जीते ।
● 1996 में दूसरी बार सपा से फिर से श्याम किशोर यादव विजय हुए ।
● 2002 में बसपा से इरशाद खान बने 2007 में दोबारा से फिर जीते ।
● 2012 में समाजवादी पार्टी से शारदा प्रताप शुक्ला जीते ।
● 2017 में भाजपा से स्वाति सिंह विजय हुई। भारतीय जनता पार्टी से स्वाति सिंह को 108506 वोट मिले ।
● समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के साथ अनुराग यादव को 74328 वोट मिले ।
● राष्ट्रीय लोक दल से शारदा प्रताप शुक्ला को 4489 वोट ही मिल सके ।Attachments area

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