ईरान-अमेरिका युद्ध: ट्रम्प का ईरान को दोटूक, ‘पागलों’ के हाथ में नहीं रहने देंगे परमाणु हथियार; 24 घंटे की 5 बड़ी खबरें

फ्लोरिडा/तेहरान। मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव की आग एक बार फिर भड़क उठी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र नहीं बनने देंगे। फ्लोरिडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पूरी दुनिया और विशेषकर इजराइल व यूरोप की सुरक्षा के लिए अनिवार्य थी। ट्रम्प ने ईरान द्वारा भेजे गए युद्धविराम के नए प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि इसमें ‘परमाणु मुद्दे’ पर चुप्पी साधी गई है।

ईरान का प्रस्ताव ठुकराया, ट्रम्प बोले- हमें संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं

राष्ट्रपति ट्रम्प ने शनिवार को स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ किसी भी संभावित सैन्य हमले के लिए उन्हें अमेरिकी संसद (Congress) से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने उन सांसदों को ‘अदेशभक्त’ करार दिया जो सैन्य कार्रवाई के लिए संसदीय वोटिंग की मांग कर रहे हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ईरान ने 26 और 27 अप्रैल को शांति प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन ट्रम्प की शर्त साफ है—बातचीत की मेज पर आने से पहले ईरान को अपना सारा एनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium) अमेरिका को सौंपना होगा।

होर्मुज की नाकेबंदी से जहाजों का ट्रैफिक 90% घटा

ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस ‘मूंछों की लड़ाई’ का सबसे बुरा असर ग्लोबल ट्रेड पर पड़ा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।

  • पहले जहां हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है।

  • अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो भी कंपनी होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को ‘चैरिटी’ के नाम पर भी पैसा देगी, उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

CNN का बड़ा खुलासा: 8 देशों में 16 अमेरिकी सैन्य बेस तबाह

एक तरफ ट्रम्प के कड़े बयान हैं, तो दूसरी तरफ धरातल पर अमेरिका को भारी नुकसान की खबरें भी आ रही हैं। CNN की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने 8 देशों में मौजूद कम से कम 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी क्षति पहुंचाई है। कुवैत का कैंप ब्यूहरिंग जैसा सक्रिय बेस अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने 50 करोड़ डॉलर की कीमत वाले बोइंग ई-3 सेंट्री विमानों और रडार सिस्टम को भी नष्ट कर दिया है।

अबू धाबी के अल धाफरा एयर बेस पर ईरानी हमले के बाद नुकसान की सैटेलाइट तस्वीर। (सोर्स-AP)

ईरान का पलटवार: अमेरिकी जनता से कहा- सरकार से सवाल पूछो

तनाव के बीच ईरान ने सीधे अमेरिकी जनता को संबोधित किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक वीडियो जारी कर कहा कि यह युद्ध ‘गैर-कानूनी और जबरन’ थोपा गया है। उन्होंने अमेरिकी सांसद किर्स्टन गिलिब्रैंड के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि “हमारे पास ऐसा कोई सबूत नहीं था कि ईरान अमेरिका पर तुरंत हमला करने वाला था।” ईरान ने आरोप लगाया कि ट्रम्प प्रशासन तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए निर्दोष लोगों का खून बहा रहा है।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

  1. सैन्य ब्रीफिंग: CENTCOM कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान पर दोबारा बड़े हमले के विकल्पों की जानकारी दी।

  2. जर्मनी से सैनिक हटे: अमेरिका ने जर्मनी से अपने 5000 सैनिकों को हटाने का ऐलान किया, जिसके बाद जर्मनी ने अपनी सुरक्षा खुद संभालने की बात कही है।

  3. जासूसी के लिए फांसी: ईरान ने इजराइली एजेंसी ‘मोसाद’ के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों (याकूब और नासिर) को फांसी दे दी।

  4. LPG टैंकर: भारतीय सुपरटैंकर ‘सर्व शक्ति’ 45,000 टन गैस लेकर ईरान के लारक द्वीप के पास से होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा है।

  5. इंटरनेट ब्लैकआउट: ईरान में पिछले 64 दिनों से इंटरनेट सेवा लगभग बंद है, जिससे वहां का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

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