जालौन, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार कर देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। उरई कोतवाली के सरकारी कंट्रोल रूम में तैनात एक सिपाही और महिला कॉन्स्टेबल का बेहद आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सरकारी दफ्तर के भीतर हुई इस शर्मनाक हरकत का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज लीक होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने इसे घोर अनुशासनहीनता और सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल कड़े कदम उठाए हैं।
उरई कोतवाली के कंट्रोल रूम का CCTV फुटेज लीक, वरिष्ठ अधिकारियों के उड़े होश
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला उरई कोतवाली परिसर के भीतर बने सरकारी कंट्रोल रूम का है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों पुलिसकर्मियों के बीच की नजदीकी और आपत्तिजनक हरकतें लाइव रिकॉर्ड हो गईं। जैसे ही यह फुटेज लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला जालौन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। ड्यूटी के दौरान ऑन-कैमरा हुई इस हरकत को देखकर प्रशासनिक अधिकारियों के भी होश उड़ गए, जिसके बाद तुरंत उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए।
2 मिनट 6 सेकेंड का वीडियो आया सामने, सोशल मीडिया पर मचा बवाल
वायरल हो रहा यह कथित वीडियो 2 मिनट और 6 सेकेंड का बताया जा रहा है। इस फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कंट्रोल रूम जैसी संवेदनशील जगह पर ड्यूटी के दौरान एक महिला कॉन्स्टेबल वहां तैनात सिपाही को बार-बार किस (Kiss) कर रही है। वहीं, सिपाही भी ऑन-ड्यूटी होने की परवाह किए बगैर कैमरे के सामने अश्लील हरकतें करता नजर आ रहा है। इस वीडियो के पब्लिक डोमेन में आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
सिपाही अरविंद कुमार तत्काल प्रभाव से सस्पेंड, दफ्तर में संभाल रहा था जिम्मेदारी
मामले की गंभीरता और पुलिस विभाग की छवि धूमिल होते देख जालौन पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। कोतवाली में तैनात आरोपी सिपाही अरविंद कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह एक्शन लिया गया है, जबकि उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच अभी भी चल रही है। बताया जा रहा है कि सस्पेंड हुआ सिपाही अरविंद कुमार कई वर्षों से पुलिस विभाग में सेवा दे रहा है और वर्तमान में कोतवाली कार्यालय में महत्वपूर्ण दफ्तरी कामकाज संभाल रहा था।
महिला कॉन्स्टेबल की भूमिका पर भी जांच की तलवार, निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा
इस पूरे मामले में पुलिस विभाग ने रुख साफ किया है कि कार्रवाई में किसी भी स्तर पर पक्षपात नहीं होगा। वीडियो में सिपाही के साथ दिख रही महिला कॉन्स्टेबल की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच अधिकारी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद महिला कॉन्स्टेबल के खिलाफ भी विभागीय स्तर पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और सभी सबूतों व तथ्यों को ध्यान में रखकर ही अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी।
अनुशासनहीनता पर बोले एसपी विनय कुमार सिंह- ‘नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं’
इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए जालौन के पुलिस अधीक्षक (SP) विनय कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस सेवा में अनुशासन और मर्यादा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकारी ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, अश्लीलता या सेवा नियमों के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच तेज गति से चल रही है और रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर दोनों दोषियों के खिलाफ आगे की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निजी बनाम पेशेवर आचरण, सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस
इस वीडियो के इंटरनेट पर वायरल होने के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी एक नई बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग इसे पुलिसकर्मियों का बेहद निजी मामला बता रहे हैं, वहीं अधिकांश इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि ऑन-ड्यूटी सरकारी दफ्तर और कंट्रोल रूम जैसी जगहों पर ऐसा आचरण पूरी तरह अस्वीकार्य है। लोगों का कहना है कि जनता की सुरक्षा करने वाली पुलिस अगर खुद कैमरे के सामने ऐसी पेशेवर लापरवाही करेगी, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। फिलहाल, पूरा महकमा जांच रिपोर्ट के इंतजार में है, जिसके बाद ही अंतिम फैसला होगा।













