कातिल कोरोना : बांके मे 93 लोग मिले (+), मचा हडकंप

नबी अहमद
रूपईडीहा/बहराइच। कस्बे के पूरब अब्दुल्लागंज जंगल के आसपास जनहीन मार्गो से लगभग 600 सौ लोग भारतीय सीमा से सटे नेपाली नरैनापुर गांव मे प्रवेश कर गये। हालांकि दोनों ओर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है। इनकी निगाह बचाकर धीरे धीरे कर ये लोग बांके जिले के नरैनापुर गांव मे चले गये। संक्रमितों की संख्या बढ़ने का कारण पूरा गांव सील कर दिया गया है। इस संबंध मे जानकारी देते हुए जिला जनस्वास्थ्य कार्यालय के फोकल पर्सन नरेश श्रेष्ठ ने बताया कि नरैनापुर गांव मे 68 लोग कोरोना वाइरस संक्रमित हो गये है। जांच के बाद इनकी पुष्टि हो चुकी है। उन्होने यह भी बताया कि नेपालगंज उपमहानगर पालिका वार्ड नं. 8 मे 25 व नरैनापुर मे 68 मिलाकर अब बांके जिले मे 93 लोगों मे कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। श्रेष्ठ ने यह भी बताया कि पूरे नेपाल मे कुल मिलाकर 375 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके है।

पांच सौ नेपालियों को भेजा गया शेल्टर होम

रूपईडीहा l रविवार व सोमवार को पैदल व अनेकों संसाधनों से चलकर भारत के विभिन्न शहरों से पांच सौ से अधिक नेपाली युवा थाने के सामने जम गये थे। जिला प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद इन्हे कई रोडवेज की बसे मंगाकर शेल्टर होम भेज दिया। सुबह से ही उपजिलाधिकारी नानपारा राम आसरे वर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी नानपारा अरूणचन्द, एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रवीण कुमार व रूपईडीहा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह इन नेपाली युवा युवतियों को समझाते रहे। परन्तु ये लोग लगातार कहते रहे है कि हम भारत नही लौटेंगे।

हम नेपाली नागरिक है हम नेपाल ही जायेंगे। खबर मिलने पर सोमवार की शाम पांच बजे जिलाधिकारी बहराइच शम्भू कुमार, एसपी बहराइच विपिन कुमार मिश्र, एडीएम जयचन्द्र पाण्डेय व एएसपी ग्रामीण रवीन्द्र सिंह भी थाने पर पहुंचे। भारतीय जिला प्रशासन ने बांके जिला प्रशासन से कई बार बात की। परन्तु बांके जिला प्रशासन ने इन अपने ही नागरिकों को लेने से इंकार कर दिया। दिन भर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह मानवतावश इन नेपाली युवाओं को चाय नास्ता कराते व पानी पीलाते रहे। रात लगभग 08 बजे एसडीएम व सीओ के समझाने बुझाने पर ये लोग बसों द्वारा यहां से राजकीय बालिका गुरगुट्टा, रामप्यारे शिवशंकर इंटर कालेज शिवपुर, नवयुग इण्टर कालेज मिहीपुरवा भेजा गया।

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