लॉकडाउन : डॉक्टरी मुआयने के नाम पर रिश्वत लेते वॉर्ड ब्वॉय की करतूत कैमरे में हुई कैद, जांच के आदेश

फतेहपुर । डॉक्टरी मुआयने के नाम पर रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में घायल बच्चे का डॉक्टरी मुआयना करवाने के लिए वार्ड ब्वॉय दो हजार रुपये रिश्वत लेते दिखाई दे रहा है। जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश देकर एक दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश किया है।

जिले के गोपालगंज कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के वार्ड ब्वॉय सुशील कुमार ने एक बच्चे के डॉक्टरी मुआयने के लिए दो हजार रुपये उसके पिता जितेन्द्र कुमार तिवारी से मांगे। पिता ने डॉक्टरी मुआयना करवाने की मजबूरी में रुपये देना स्वीकार करते हुए वार्ड ब्वॉय को दो हजार रुपये दे रहा है। रिश्वत देने का वीडियो किसी ने बनाकर वायरल कर दिया। जिससे जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

वायरल वीडियो में वार्ड ब्वॉय सुशील कुमार रिश्वत लेते साफ-साफ दिख रहा है। वार्डबॉय कह रहा है कि करवाना हो तो बताओ हम यहाँ से रेफर कर दे और करवा दें। दो हजार खर्च करो तो हम चुपचाप गोपनीय कर दें। इस तरह नाटक करने से कुछ नहीं होता है हम सब एक नजर में देख लेते हैं। जब पीड़ित के पिता ने कहा हम साहब गरीब आदमी है तो वार्ड ब्वाय ने कहा कि लड़ाई में गरीबी नहीं लगती है। लेते तो बहुत हैं पैसे और डाक्टर जल्दी करता नहीं है। या फिर हम रिफर करवा देंगे तो फतेहपुर सदर अस्पताल में ले-देकर करवा लेना। इन्हीं चोटों के डॉक्टरी मुआयने की रिपोर्ट्स के हिसाब से पुलिस धारायें बढ़ाती-घटाती हैं, जो दोषियों को कटघरे तक ले जाने का काम करती है।

अगर ऐसे ही रिश्ववत लेकर धाराएं घटायी-बढ़ाई जाने लगें तो फिर अपराधियों के हौसले और बुलन्द होते जायेंगे। वायरल वीडियो की बातचीत स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंम्भीर सवाल पैदा कर रही है। जो कि स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर्स व स्टॉप की भी संलिप्तता साफ तौर पर जाहिर होती नजर आ रही है।

वीडियो वायरल होते ही जिलाधिकारी संजीव सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश किया है। डीआरडीए विभाग के परियोजना निदेशक अशोक कुमार निगम व जिला अस्पताल के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ए.के. जौहरी को जांच सौंपी है।

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